1949 में जमशेदपुर आये थे सरदार पटेल, एक झलक पाने को सोनारी से बिष्टुपुर तक लग गयी थी लोगों की कतारें

जमशेदपुर : शहर के प्रख्यात उद्यमी व व्यवसायी नरभेराम हंसराज कमानी के बुलावे पर वर्ष 1949 में देश के प्रथम गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल जमशेदपुर दौरे पर आये थे तथा बिष्टुपुर स्थित नरभेराम हंसराज गुजराती स्कूल के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए थे. उस समारोह में टाटा स्टील के तत्कालीन जीएम सावक नानावती […]

जमशेदपुर : शहर के प्रख्यात उद्यमी व व्यवसायी नरभेराम हंसराज कमानी के बुलावे पर वर्ष 1949 में देश के प्रथम गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल जमशेदपुर दौरे पर आये थे तथा बिष्टुपुर स्थित नरभेराम हंसराज गुजराती स्कूल के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए थे. उस समारोह में टाटा स्टील के तत्कालीन जीएम सावक नानावती ने भी भाग लिया था.
सोनारी एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया गया था. नरभेराम हंसराज कमानी के पौत्र राजन कमानी ने बताया कि उनके दादाजी बताते थे कि सरदार वल्लभ भाई पटेल की एक झलक पाने के लिए एयरपोर्ट से लेकर बिष्टुपुर तक लोगों की लंबी कतारें लग गयी थीं. अपने दौरे के क्रम में सरदार पटेल ने टाटा समूह की तारीफ करते हुए शहरवासियों के साथ उनकी कनेक्टिविटी व गुजरातियों के योगदान की प्रशंसा की थी. दौरे के क्रम में वे बिष्टुपुर स्थित नरभेराम हंसराज कमानी के आवास पर भी गये थे, जहां खाना खाया था. इस दौरान नरभेराम हंसराज कमानी की पत्नी हेमकुंवर बेन कमानी भी साथ थीं.
राजन कमानी ने बताया कि दादा और पिताजी से अक्सर सरदार पटेल के घर आगमन और घर पर परिवार के सदस्यों के साथ पारिवारिक माहौल में बातचीत की चर्चा सुनता था. राजन कमानी ने बताया कि वे इस बात से गौरवान्वित महसूस करते हैं कि उनके परिवार का नाम सरदार पटेल के साथ जुड़ा हुआ है और उन्होंने मेरे घर में आकर खाना खाया था. हमारा परिवार उनके उस ऐतिहासिक व यादगार पल को हमेशा याद कर गौरवान्वित महसूस करता है.

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