भौतिक सत्यापन के बिना नहीं मिलेगा अनुदान

जमशेदपुर : स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने वैसे स्कूल व कॉलेजों के खिलाफ शिकंजा कस दिया है, जिन्हें सरकार संचालित करने के लिए अनुदान देती है. यही कारण है कि अब अगर अनुदान में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी होती है, तो इसके लिए क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक, जिला शिक्षा पदाधिकारी के साथ ही सरकारी […]

जमशेदपुर : स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने वैसे स्कूल व कॉलेजों के खिलाफ शिकंजा कस दिया है, जिन्हें सरकार संचालित करने के लिए अनुदान देती है. यही कारण है कि अब अगर अनुदान में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी होती है, तो इसके लिए क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक, जिला शिक्षा पदाधिकारी के साथ ही सरकारी अनुदान प्राप्त करनेवाले स्कूल-कॉलेजों की भी जवाबदेही तय कर दी गयी है. यानी अगर किसी स्कूल व कॉलेज को तय अर्हता के विपरीत अनुदान मिल जाता है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित जिले के आरडीडीइ व डीइअो की भी होगी.
साथ ही विभाग ने यह भी तय किया है कि पूर्व के वर्षो में दिये गये अनुदान के उपयोगिता प्रमाणपत्र का भी सत्यापन किया जायेगा. इसके बाद अगले वित्तीय वर्ष का फंड रिलीज होगा. विभाग की अोर से अनुदान हासिल करने के लिए संबंधित वित्त रहित स्कूल, कॉलेज, मदरसा, अल्पसंख्यक विद्यालय, संस्कृत विद्यालय समेत अन्य कोटि के शैक्षणिक संस्थान तय अर्हता को पूरा करते हैं या नहीं इसकी जांच के लिए भौतिक सत्यापन भी किया जायेगा.
भूमि संबंधित सूचनाओं का सत्यापन सक्षम राजस्व पदाधिकारियों द्वारा कराया जायेगा. वहीं अनुदान स्वीकृत समिति यह देखेगी कि सोसायटी द्वारा निबंधन की शर्तों का अनुपालन किया जा रहा है या नहीं. इसके अलावा अनुदान स्वीकृति समिति में महानिबंधक या उनके नामित प्रतिनिधि विभिन्न बिंदुओं की जांच कर अनुशंसा करेंगे कि संबंधित संस्था उक्त एक्ट के प्रावधानों का पालन कर रही है या नहीं. उक्त मानक पर परखने के बाद ही अब सरकार का अनुदान स्कूल व कॉलेज हासिल कर सकेगा.

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