हजारीबाग. भूमि संबंधी मामलों में अनियमितता की शिकायतों पर उपायुक्त हेमंत सती ने सख्त रुख अपनाया है. सोमवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित राजस्व शाखा एवं खास महाल की समीक्षा बैठक में उन्होंने सभी अंचलाधिकारियों और राजस्व कर्मियों को निर्देश दिया कि एलपीसी, म्यूटेशन, रजिस्ट्री समेत सभी भूमि मामलों में शत-प्रतिशत जांच और सत्यापन के बाद ही स्वीकृति या निर्गत की कार्रवाई करें.
इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जायेगी. बैठक में सभी प्रखंडों के लंबित भूमि मामलों की समीक्षा की गयी. उपायुक्त ने गलत प्रतिवेदन के आधार पर एलपीसी जारी करने तथा भूमि रजिस्ट्री में अनियमितता की शिकायतों पर नाराजगी जताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी.
उन्होंने प्रखंड स्तर पर कंप्यूटर ऑपरेटरों के स्थानांतरण की प्रक्रिया तेज करने का भी निर्देश दिया. परिशोधन पोर्टल पर लंबित मामलों की नियमित समीक्षा और गैर-मजरूआ भूमि पर अतिक्रमण हटाने के लिए प्रभावी कार्रवाई करने को कहा. उन्होंने स्पष्ट किया कि अतिक्रमण पाये जाने पर संबंधित हल्का कर्मचारी प्राथमिक तथा अंचलाधिकारी द्वितीय रूप से जवाबदेह होंगे.
बैठक में खास महाल भूमि सर्वेक्षण की प्रगति की भी समीक्षा की गयी और तय समय सीमा में सर्वे पूरा करने का निर्देश दिया गया. बैठक में अपर समाहर्ता महेंद्र छोटन उरांव सहित अन्य राजस्व अधिकारी उपस्थित थे.
