सांवली होने पर बिटिया का क्या कसूर...

झारखंड जन संस्कृति मंच हजारीबाग का मासिक कवि सम्मेलन सह सम्मान समारोह

हजारीबाग. झारखंड जन संस्कृति मंच हजारीबाग का मासिक कवि सम्मेलन सह सम्मान समारोह कोर्रा के मिराकल कोचिंग सेंटर में हुआ. इसमें 40 रचनाकार शामिल हुए. सभी को कलम और सम्मान पत्र दिया गया. मुख्य अतिथि अध्यक्ष आशु कवि प्रमोद रंजन, पर्यावरणविद् सुरेंद्र सिंह एवं अजय कुमार थे. प्राध्यापिका डॉ प्रमिला गुप्ता ने दो रचना बत्तीस दांतों के बीच जिह्वा सी फंसी हैं बेटियां और खुशियों की पोटलियों में जाने कितनी गांठ मार लायी है…सुनायी. रुबीना वफा ने अपनी प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. छात्रा राजश्री ने कविता दहेज और अमरेज अंसारी ने सांवली होने पर बिटिया का क्या कसूर…रचना का पाठ किया. खान एवं भूतत्व उप निदेशक कुणाल कौशल ने नवजात शिशु की हत्या पर मार्मिक कविता सुनायी. राजी अबूजर ने गजल इस अदा को कोई कैसे नजर अंदाज करें…सुनायी. लकी कुमारी, अनंत ज्ञान, राजू विश्वकर्मा ने यदि हम सत्ता में अइबो शहर के कलकत्ता बनइबो…हास्य व्यंग्य सुनाया. टीपी पोद्दार, अरविंद झा, संजीत, डॉ रमेश शर्मा, संध्या झा, प्रांशु प्रांजल, मेजर कुमार संजय, डॉ सुबोध सिंह शिवगीत, प्रमोद रंजन, सुरेंद्र सिंह ने व्यंग्य प्रस्तुत किये. धन्यवाद ज्ञापन शंकर गुप्ता ने किया.

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By SUNIL PRASAD

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