हाथियों के डर से ग्रामीण गांव छोड़ स्कूल में लिया शरण

गोंदवार और आसपास के गांवों में हाथियों के झुंड ने भय और दहशत का माहौल बना दिया है

अंतिम संस्कार आज हजारीबाग. गोंदवार और आसपास के गांवों में हाथियों के झुंड ने भय और दहशत का माहौल बना दिया है. जिला प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए गोंदवार भुइयां टोली को खाली करा दिया. लगभग पचास से अधिक लोगों को प्राथमिक विद्यालय गोंदवार और एक पोल्ट्री फार्म में सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया. प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के लिए भोजन और 15 कंबलों की व्यवस्था की है. विद्यालय परिसर के बाहर वन विभाग के कर्मचारी अंगेठी जलाकर पहरा दे रहे हैं ताकि किसी भी आकस्मिक घटना को रोका जा सके. शाम को जंगल में हाथियों के दिखने से दहशत शाम साढ़े पांच बजे हाथियों का झुंड गांव के दक्षिण-पूर्वी जंगल में फिर से दिखाई दिया. पांच हाथियों में से एक हथनी अत्यधिक आक्रामक है. इसी हथनी ने बीती रात छह ग्रामीणों की जान ले ली थी. इस घटना के बाद पूरे गांव में सन्नाटा और भय का वातावरण है. दहशत के कारण आज दाह संस्कार होगा हाथी हमले में मारे गये पांच ग्रामीणों के शव देर शाम गोंदवार पहुंचे, लेकिन दहशत के कारण ग्रामीणों ने रात में अंतिम संस्कार करने के बजाय सुबह करने का निर्णय लिया. उन्हें डर था कि रात में कोई अनहोनी फिर से घट सकती है. 14 फरवरी को सबिता देवी, संजना कुमारी, अनुराग कुमार, धनेश्वर राम और सूरज राम का अंतिम संस्कार गोंदवार के पास नदी किनारे किया जाएगा. वहीं बड़कागांव के गर्री निवासी सुमन कुमारी का अंतिम संस्कार दमादरा मरघट्टी में होगा. वन विभाग ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दो क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) तैनात की हैं. इनमें से एक टीम बंगाल के बाकुड़ा से बुलायी गयी है, जिसमें 19 सदस्य शामिल हैं. यह टीम हाथियों को सुरक्षित तरीके से रिहायशी इलाकों से बाहर निकालने में विशेषज्ञ है.

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Published by: Vikash nath

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