ग्रामीणों ने मजदूरों और वाहन चालकों को खदेड़ा

थ निर्माण विभाग की ओर से करीब 66 करोड़ की लागत से रंका-रमकंडा सड़क चौड़ीकरण कार्य का ग्रामीण लगातार विरोध कर रहे हैं.

रमकंडा.पथ निर्माण विभाग की ओर से करीब 66 करोड़ की लागत से रंका-रमकंडा सड़क चौड़ीकरण कार्य का ग्रामीण लगातार विरोध कर रहे हैं. रमकंडा के तेहाड़ा टोला के ग्रामीणों के विरोध के बाद करीब 200 मीटर सड़क निर्माण में पेंच फंस सकता है. रविवार को भी उक्त टोले के ग्रामीणों ने सड़क निर्माण कार्य करने पहुंचे मजदूर व निर्माण कार्य में लगे वाहनों को निर्माण स्थल से खदेड़ दिया. मामले में हस्तक्षेप करने पहुंची रमकंडा पुलिस को भी विरोध का सामना करना पड़ा. इसके बाद निर्माण कार्य बंद हो गया. दरअसल तेहाड़ा में सर्वे की जमीन पर रास्ता बनाने के बजाय पूर्व में बगल के ही भुइयां परिवारों की जमीन पर विभाग ने कालीकरण सड़क बना दी. वहीं पूर्व में बनी इसी सड़क के आधार पर भू-अर्जन विभाग ने सड़क चौड़ीकरण का प्रस्ताव स्वीकार करते हुए इसी सड़क के दोनों ओर जमीन अधिग्रहण करने के बाद सड़क चौड़ीकरण किया जाना है. इसका विरोध यहां के ग्रामीण निर्माण कार्य के शुरुआती दौर से ही कर रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि विभाग उनकी रैयती जमीन पर बने सड़क को छोड़कर सर्वे का रास्ता में सड़क निर्माण कराये. ताकि उनकी अपनी जमीन सुरक्षित हो जाये. ग्रामीण सीताराम भुइयां, संजय भुइयां, सुनीला देवी, कोशिला देवी, सुरजी देवी, मानती देवी, बुधनी कुंवर व सोनी देवी सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि संवेदक गंगा कंस्ट्रक्शन की ओर से उनकी रैयती जमीन पर जबरन सड़क बनाने का प्रयास कर रही है. ग्रामीणों ने कहा कि वे लोग जेल चले जायेंगे, लेकिन अपनी जमीन पर सड़क नहीं बनने देंगे. विभाग सरकारी सर्वे की जमीन पर सड़क बना लें. ग्रामीणों ने कहा कि वे शुरुआती दौर से ही इसका विरोध कर उक्त स्थल पर निर्माण कार्य बंद करा चुके हैं. लेकिन अब तक विभाग ने सर्वे की जमीन पर सड़क बनाने की दिशा में कोई पहल नही की है

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