हजारीबाग. केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलने व चार श्रम संहिता को देश में लागू करने के विरोध में 10 श्रमिक संगठनों एवं स्वतंत्र फेडरेशनों का एक दिवसीय अखिल भारतीय हड़ताल 12 फरवरी को होगा. इसका वाम दलों ने पूर्ण समर्थन किया है. यह जानकारी सीपीआइ कार्यालय में सीपीएम के जिला सचिव गणेश कुमार सीटू ने मंगलवार को दी. उन्होंने कहा कि वर्तमान बजट में वीभीजीरामजी के लिए एक रुपये का भी प्रावधान नहीं किया गया है. वहीं चार श्रमसंहिता को लागू कर देश में स्थायी नौकरी को समाप्त कर ठेकेदारी प्रथा लागू कर दी गयी है. उन्होंने अविलंब वीभीजीरामजी एवं चार श्रम संहिता को वापस लेने की मांग की है. मौके पर सीपीआइ के जिला सचिव अनिरुद्ध प्रसाद, महेंद्र राम, स्वदेशी पासवान, मजीद अंसारी, अनवर हुसैन, भाकपा-माले के रोहित मेहता, मदन सिंह, सुधीर यादव, सीपीएम के तापेश्वर राम, ईश्वर महतो, सुरेश कुमार दास सहित अन्य उपस्थित थे.
12 के हड़ताल का वामपंथियों ने किया समर्थन
मनरेगा का नाम बदलने व चार श्रम संहिता को लागू करने का विरोध
