शहरवासियों के लिए शांति और ऊर्जा का केंद्र बनी हजारीबाग झील

हजारीबाग झील अब शहरवासियों के लिए मानसिक शांति और नई ऊर्जा का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुकी है.

हजारीबाग. हजारीबाग झील अब शहरवासियों के लिए मानसिक शांति और नई ऊर्जा का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुकी है. रविवार को झील का भ्रमण करने पहुंचे रोहित विनायका, अकूर पाटनी, बिजू बोहरा, नवीन विनायका, अनिल पाटनी, अजय लुहाड़िया, रुचि विनायका, लिमका पाटनी, मेघा लुहाड़िया, विनिता सेठी और नीलम पाटनी ने झील की स्वच्छता, सुंदरता और शांत वातावरण की खुलकर सराहना की. सभी आगंतुकों ने एक स्वर में कहा कि यहां की ठंडी हवा और चारों ओर फैली हरियाली दिनभर की थकान को पल भर में दूर कर देती है. इस मनोरम स्थल पर आकर तन और मन दोनों ही तरोताजा हो जाते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि झील का शांत और सुरक्षित परिवेश लेखन, चिंतन और आत्मिक शांति प्राप्त करने के लिए भी अत्यंत उपयुक्त है. आगंतुकों ने शहर की महिलाओं से अपील की कि वे झील की सैर को अपनी दैनिक दिनचर्या में अवश्य शामिल करें. उन्होंने जोर देकर कहा कि यह स्थान न केवल पूरी तरह से सुरक्षित है, बल्कि यहां की प्राकृतिक सुंदरता गर्मी के मौसम में भी अद्भुत सुकून प्रदान करती है. स्थानीय प्रशासन से यह पुरजोर मांग की गयी कि झील के सौंदर्य और स्वच्छता को बनाये रखने के लिए नियमित रूप से निगरानी की जाये, ताकि यह मनोरम स्थान हमेशा शहर के लोगों के जीवन में ताजगी और शांति का संचार करता रहे.

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