हजारीबाग. जिले के सरकारी स्कूलों में कक्षा नौ से 12वीं के विद्यार्थियों की संख्या अनुरूप शिक्षक रहेंगे. मसलन वैसे स्कूल जहां विद्यार्थी कम हैं और शिक्षकों की संख्या अधिक है, वहां से शिक्षक हटेंगे. इस ओर रेशनलाइजेशन का कार्य शीघ्र पूरा किया जायेगा. इससे स्कूलों में विद्यार्थियों को विषयवार पढ़ाई मिलेगी. यह बातें जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रवीण रंजन ने कही. वह मंगलवार को वार्षिक मैट्रिक परीक्षा 2026 की आयोजित समीक्षा बैठक में बोल रहे थे. जिला स्कूल सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिला स्तर पर सभी उवि एवं प्लस टू स्कूलों के प्रधानाध्यापक, प्रभारी प्रधानाध्यापक एवं जिम्मेवार शिक्षक मौजूद थे. डीइओ ने कहा कि वार्षिक मैट्रिक परीक्षा 2025 की तुलना में 2026 का प्रतिशत दर बढ़ा है. इसमें राज्य स्तर पर ग्रेडिंग के मामले में हजारीबाग पीछे रह गया. मौजूद शिक्षकों से फीडबैक लिया गया. तय किया गया है कि 2027 वार्षिक मैट्रिक परीक्षा में बेहतर करना है. इसके लिए अभी से ही तैयारी शुरू करेंगे. इसमें विद्यार्थियों को समय पर सिलेबस पूरा कराना है. नियमित रूप से टेस्ट परीक्षा में विद्यार्थी शामिल होंगे. तमाम शिक्षण व्यवस्था को समय सीमा के भीतर पूरा किया जायेगा. कमजोर बच्चों की पहचान कर अलग से विशेष कक्ष आयोजित होगी. गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था को लेकर विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक से शिक्षक समन्वय स्थापित करेंगे. वहीं, विद्यार्थियों को मिलने वाली मौलिक सभी सरकारी सुविधाओं का ख्याल रखा जायेगा. समीक्षा बैठक के अंत में एक शिक्षक संगठन ने शिक्षकों की विभिन्न लंबित मांगों को शीघ्र पूरा करने को लेकर डीइओ को ज्ञापन सौंपा.
सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार होंगे शिक्षक
अधिक शिक्षक वाले स्कूलों में होगा रेशनलाइजेशन
