टाटी कलाकृतियों से बोल रही हैं दीवारें, स्थानीय कलाकारों को मिला मंच सोनु पांडेय टाटीझरिया. टाटीझरिया पंचायत भवन इन दिनों अपनी एक अलग पहचान बना रहा है. भवन की दीवारों पर झारखंड की प्रसिद्ध लोक कला सोहराय पेंटिंग उकेरी जा रही है, जो न केवल पंचायत कार्यालय की खूबसूरती बढ़ा रही है, बल्कि राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का संदेश भी दे रही है. यह अनूठी पहल स्थानीय मुखिया सुरेश यादव द्वारा की गयी है. मुखिया की इस पहल से पंचायत भवन का कायाकल्प हो गया है. दीवारों पर ग्रामीण पृष्ठभूमि, पशु-पक्षी और पारंपरिक जीवनशैली पर आधारित एक से बढ़कर एक कलाकृतियां बनाई गई हैं. भवन के पास से गुजरने वाले लोग अब रुककर इन चित्रों को निहार रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि पेंटिंग होने से ऐसा लग रहा है मानो पंचायत भवन की बेजान दीवारें अब बोल उठी हों. पेंटिंग का कार्य होलंग निवासी मुकेश कुमार के नेतृत्व में स्थानीय महिला कलाकारों की टीम कर रही है. इसमें धनेश्वरी देवी, मीरा देवी, अणु कुमारी, देवंती देवी, फगुनी देवी और माही कुमारी पूरे उत्साह के साथ अपनी तूलिका से कला को निखार रही हैं. स्थानीय कलाकारों को उनके घर के पास ही इस तरह का काम मिलने से उनमें भी खुशी देखी जा रही है. इस संबंध में मुखिया सुरेश यादव ने कहा कि सोहराय कला झारखंड की पहचान और हमारी अस्मिता है. इसे सहेजना और बढ़ावा देना हम सभी का दायित्व है. पंचायत भवन एक सार्वजनिक स्थान है, यहां इस कला के प्रदर्शन से नयी पीढ़ी भी अपनी परंपराओं से जुड़ सकेगी. हमारा प्रयास है कि पंचायत की सरकारी इमारतें आकर्षक दिखें और लोगों को अपनी संस्कृति पर गर्व हो. पंचायत भवन की इस नई सूरत को देखकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी उत्साह है. ग्रामीणों का कहना है कि इससे पहले पंचायत भवन साधारण दिखता था, लेकिन अब सोहराय पेंटिंग से इसकी भव्यता बढ़ गयी है.
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