हजारीबाग. स्नातकोत्तर राजनीति विज्ञान विभाग में बाबा साहेब डॉ भीमराव आंबेडकर की जयंती की पूर्व संध्या पर संगोष्ठी की गयी. अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डॉ सुकल्याण मोइत्रा ने की. मुख्य वक्ता डॉ अजय बहादुर सिंह ने कहा कि बाबा साहेब का मानना था कि समानता के बिना स्वतंत्रता निरर्थक है. उन्होंने कहा था कि धर्म मनुष्य के लिए है, मनुष्य धर्म के लिए नहीं. वह कहते थे कि जीवन लंबा नहीं, बल्कि महान होना चाहिए. विशिष्ट वक्ता इनामुल अंसारी ने बाबा साहब के जीवन यात्रा से परिचित कराया. श्वेता कुमारी ने कहा कि बाबा साहेब ने संविधान के निर्माण के लिए 60 से अधिक देशों के संविधान का अध्ययन किया. सौरभ कुमार ने बाबा साहेब के विचारों पर प्रकाश डाला. प्रतीक कुमार ने आंबेडकर और गांधी के अंतर-संबंधों की व्याख्या की. महेंद्र पंडित ने आंबेडकर और बौद्ध धर्म पर विचार रखे. संचालन धर्मेंद्र कुमार ने किया. मौके पर शोधार्थी तथा चतुर्थ व प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थी उपस्थित थे.
विभावि के राजनीति विज्ञान विभाग में संगोष्ठी
बाबा साहेब समानता के बिना स्वतंत्रता को निरर्थक मानते थे : डॉ अजय बहादुर सिंह
