हजारीबाग में दो केंद्रीय विद्यालय और एक सैनिक स्कूल खोलने की तैयारी तेज

हजारीबाग जिला शिक्षा के क्षेत्र में एक नई ऊंचाई छूने जा रहा है. जिले में दो केंद्रीय विद्यालय और एक सैनिक स्कूल खोलने की प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ रही है.

जयनारायण हजारीबाग. हजारीबाग जिला शिक्षा के क्षेत्र में एक नई ऊंचाई छूने जा रहा है. जिले में दो केंद्रीय विद्यालय और एक सैनिक स्कूल खोलने की प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ रही है. इन प्रतिष्ठित संस्थानों की स्थापना से हजारीबाग राज्य के अग्रणी शैक्षणिक केंद्र के रूप में उभरेगा. जिला प्रशासन ने इसके लिए आवश्यक पहल शुरू कर दी है और माना जा रहा है कि इन कदमों से हजारों बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिलेगा। साथ ही रोजगार, प्रशिक्षण और शैक्षणिक प्रतिस्पर्धा में भी वृद्धि होगी. बरही में सैनिक स्कूल की स्थापना बरही में सैनिक स्कूल की स्थापना का प्रस्ताव रक्षा मंत्रालय द्वारा पीपीपी मोड पर मंजूर किया गया है. सैनिक स्कूल सोसाइटी ने उपायुक्त को औपचारिक पत्र भेजा है. श्री दास इंटरनेशनल स्कूल, देवचंदा मोड़ ने इस स्कूल को खोलने में रुचि दिखायी है. इसी को लेकर 24 नवंबर को एक महत्वपूर्ण बैठक बुलायी गयी है, जिसमें तिलैया सैनिक स्कूल के प्रतिनिधि, अपर समाहर्ता संतोष कुमार सिंह और डीएससी आकाश कुमार सहित हजारीबाग के अधिकारी शामिल होंगे. बैठक में प्रस्तावित स्कूल की पात्रता, आवश्यक संरचनाएं, सुविधाएं और संचालन के मानकों पर विस्तार से चर्चा होगी. इधर, हजारीबाग में दो केंद्रीय विद्यालय खोलने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल हुई है. केंद्र सरकार ने बड़कागांव और बरकट्ठा प्रखंड में केंद्रीय विद्यालय स्थापना का प्रस्ताव भेजा है. बरकट्ठा में विद्यालय खोलने की मंजूरी मिल चुकी है और पुराने ब्लॉक परिसर को संचालन स्थल के रूप में उपयुक्त माना जा रहा है. वहीं बड़कागांव में विद्यालय के लिए उपयुक्त स्थल चयन की प्रक्रिया तेज़ कर दी गयी है. अधिकारियों की टीम संभावित स्थलों का निरीक्षण कर रही है. जिलाधिकारी शशि प्रकाश सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार ने पीपीपी मोड में सैनिक स्कूल खोलने का निर्णय लिया है. बरही के विद्यालय का निरीक्षण समिति द्वारा किया गया है और एक-दो दिन में बैठक होगी. बैठक में लिये गये निर्णय को सैनिक स्कूल सोसाइटी, रक्षा मंत्रालय को भेजा जायेगा. बरकट्ठा में केंद्रीय विद्यालय की मंजूरी मिल चुकी है, जबकि बड़कागांव के ढेंगा में विद्यालय खोलने का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है. इन तीनों संस्थानों की स्थापना से हजारीबाग का शैक्षणिक मानचित्र और मजबूत होगा. सैनिक स्कूल से छात्रों को रक्षा सेवाओं में करियर बनाने का अवसर मिलेगा, वहीं केंद्रीय विद्यालयों से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के बच्चों को राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा प्राप्त होगी. यह पहल न केवल शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ायेगी, बल्कि हजारीबाग की पहचान को भी राष्ट्रीय स्तर पर सुदृढ़ करेगी.

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Author: VIKASH NATH

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