पुलिसकर्मियों का वेतन अटका, सर्विस बुक की जांच के बाद ही होगा भुगतान

हजारीबाग ट्रेजरी घोटाला

हजारीबाग. हजारीबाग कोषागार के पुलिस वेतन मद में गड़बड़ी सामने आने के बाद जिले के पुलिसकर्मियों का एक माह का वेतन अटक गया है. इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस विभाग ने सभी कर्मियों के सर्विस बुक की गहन जांच शुरू कर दी है. विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही वेतन भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ायी जायेगी. ज्ञात हो कि पुलिस विभाग के वेतनमद में करीब 30 करोड़ से अधिक की राशि की गड़बड़ी हुई है. बताया जाता है कि वेतन निकासी की प्रक्रिया के दौरान कागजी हेरफेर कर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया गया है.

दस्तावेजों का सर्विस बुक से मिलान जारी

जांच के तहत पुलिसकर्मियों से कई दस्तावेज और जानकारी मांगी गयी है. इसमें मेल आइडी, नाम, प्राण नंबर, आधार नंबर, पैन कार्ड नंबर, फोटो, लिंक बैंक खाता का पासबुक तथा जन्मतिथि शामिल है. इन सभी सूचनाओं का मिलान सर्विस बुक से किया जा रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि या फर्जीवाड़ा की संभावना समाप्त हो सके.

डीसी का निर्देश-वेतन से पहले सर्विस बुक सत्यापन अनिवार्य

उपायुक्त द्वारा इस संबंध में सभी कार्यालय प्रधानों एवं निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों को पत्र जारी किया गया है. पत्र में स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि कर्मियों के नाम, जन्मतिथि और अन्य आवश्यक विवरणों का सर्विस बुक से सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाये. साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाये कि संबंधित कर्मी वास्तव में कार्यालय में कार्यरत हैं. निर्देश में कहा गया है कि वेतन भुगतान से पूर्व कार्यालय स्तर पर पूर्ण संतुष्टि आवश्यक होगी. पे-स्लिप और सर्विस बुक में दर्ज विवरणों के सत्यापन के आधार पर ही भुगतान किया जायेगा. निकासी पदाधिकारी के प्रमाणपत्र के बाद ही कोषागार से वेतन निकासी संभव होगी. इसके अलावा, व्ययन पदाधिकारियों को सख्त हिदायत दी गयी है कि किसी भी परिस्थिति में ओटीपी किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा नहीं करें. विभाग का मानना है कि इस सख्ती से भविष्य में वित्तीय अनियमितताओं पर रोक लगेगी और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी.

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Published by: Sunil prasad

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