मां ने खुद एक महिला को सौंपा था अपने लाडले को

नवजात की चोरी मामले का तीन घंटे में खुलासा

हजारीबाग. लोहसिंघना थाना क्षेत्र में 26 जनवरी को एक नवजात बच्चे की चोरी मामले का पुलिस ने महज तीन घंटा में खुलासा कर दिया. नवजात को पुलिस ने चौपारण के करमा गांव में एक महिला के पास से बरामद किया. जानकारी के अनुसार कटकमसांडी थाना क्षेत्र के बहिमर गांव की बेबी देवी ने शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक शिशु को जन्म दिया था. इसके बाद उसे अस्पताल से छुट्टी मिल गयी. 26 जनवरी को महिला अपने शिशु का इलाज कराने की बात कह कर इंद्रपुरी लक्ष्मी पेट्रोल पंप के निकट आयी. कुछ देर बाद उसने अपने घर में सूचना दी कि वह बेहोश हो गयी थी. इसी क्रम में शिशु को एक महिला ने अपनी गोद में ले लिया. जब उसे होश आया, तो बच्चे के साथ महिला गायब थी. इसकी जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे. नवजात की बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर इंद्रपुरी तकिया मजार रोड को जाम कर दिया.

एसपी ने मामले के उदभेदन के लिए बनायी थी एसआइटी

मामला सामने आने के बाद एसपी अंजनी अंजन ने घटना के उद्भेदन के लिए एसआइटी का गठन किया. टीम ने प्रसूता बेबी देवी से पूछताछ की. उसका मोबाइल खंगाला. इस क्रम में पता चला का उसने नवजात की तस्वीर किसी व्यक्ति को भेजी है. उस मोबाइल नंबर के आधार पर पुलिस ने चौपारण थाना क्षेत्र के करमा गांव पहुंचकर मीना देवी के पास से नवजात को बरामद कर लिया. जांच में खुलासा हुआ कि बच्चे की मां ने पारिवारिक दबाव और सामाजिक डर के कारण चोरी की झूठी कहानी बनायी थी. बाद में बच्चे को सकुशल मां को सौंप दिया गया.

चौपारण की सहेली के रिश्तेदार को सौंपा था बच्चा :

लोहसिंघना थाना प्रभारी निशांत केरकेट्टा ने कहा कि प्रसूता बेबी देवी के पांच बच्चे हैं. बेबी देवी की सहेली के एक रिश्तेदार को एक बच्चा चाहिए था. सहेली ने बेबी से बात की कि मेरा एक रिश्तेदार का बच्चा नहीं है. तुम्हारे पहले से पांच बच्चे हैं, इस बच्चे को उसे दे दो. थाना प्रभारी ने कहा कि पूछताछ में बेबी देवी ने बताया कि उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है. मीना देवी को बच्चा देने से उसका अच्छा पालन-पोषण होगा. इसलिए नवजात को मीना देवी को सौंप दिया था.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By SUNIL PRASAD

SUNIL PRASAD is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >