हजारीबाग: सिविल कोर्ट हजारीबाग के अपर सत्र न्यायाधीश सह पोस्को विशेष न्यायाधीश आसिफ इकबाल की अदालत ने 13 वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के आरोपी को दोषी पाते हुए 20 साल सश्रम कारावास और दस हजार रूपये जुर्माना की सजा सुनायी.
सजा पाने वाला कटकमसांडी थाना क्षेत्र के शाहपुर निवासी रामानंद प्रसाद है. यह घटना 16 दिसंबर 2022 की है. पीड़िता के पिता के आवेदन पर कटकमसांडी थाना में कांड संख्या 202-2022 के तहत दर्ज किया गया था. दिये आवेदन में कहा गया है कि शाहपूर निवासी रामानंद प्रसाद 16 दिसंबर 2022 की रात पीडिता शौच के लिए बाहरी निकली. उसी समय मौका पाकर आरोपी रामानंद प्रसाद पीडिता के कमरे में घुसकर उसके साथ घटना को अंजाम दिया. हो हल्ला के बाद आरोपी घर से भागने में सफल हो गया.
न्यायालय ने सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों को सुनने, पेश किए गए सबूत को देखने और अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक मीनाक्षी कंडुलना ने जाच करने वाले पुलिस पदाधिकारी, चिकित्सक और पीडिता की गवाही दर्ज करायी. गवाहों के बयान और पेश किए गए सबूतों के आधार पर अदालत ने नारायण प्रसाद को दोषी पाते हुए 20 वर्ष सश्रम कारावास और दस हजार जुर्माना की सजा सुनायी.
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नाबालिग से दुष्कर्म मामले में दोषी को 20 साल सश्रम कारावास की सजा
हजारीबाग: सिविल कोर्ट हजारीबाग के अपर सत्र न्यायाधीश सह पोस्को विशेष न्यायाधीश आसिफ इकबाल की अदालत ने 13 वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के आरोपी को दोषी पाते हुए 20 साल सश्रम कारावास और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है.
सजा पाने वाला आरोपी कटकमसांडी थाना क्षेत्र के शाहपुर निवासी रामानंद प्रसाद है. यह पूरी घटना 16 दिसंबर 2022 की है. पीड़िता के पिता के आवेदन पर कटकमसांडी थाना में कांड संख्या 202/2022 के तहत मामला दर्ज किया गया था.
दर्ज आवेदन में बताया गया था कि 16 दिसंबर 2022 की रात पीड़िता शौच के लिए बाहर निकली थी. इसी दौरान आरोपी मौका पाकर उसके कमरे में घुस गया और घटना को अंजाम दिया. हो-हल्ला होने पर आरोपी मौके से फरार हो गया था.
मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और प्रस्तुत साक्ष्यों का अवलोकन किया. अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक मीनाक्षी कंडुलना ने अनुसंधानकर्ता पुलिस पदाधिकारी, चिकित्सक और पीड़िता की गवाही दर्ज कराई. गवाहों के बयान और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाया और 10 हजार रुपए जुर्माना के साथ 20 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई.
