.. आंदोलनकारियों एवं विस्थापितों ने विधानसभा मार्च करने का ऐलान किया
9हैज24में- कार्यक्रम में पूर्व सांसद भुवनेश्वर मेहता व अन्य
हजारीबाग. झारखंड राज्य विस्थापित संघर्ष मोर्चा एवं झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के संयुक्त तत्वावधान में हजारीबाग नवाबगंज स्थित आकाशदीप होटल में एक दिवसीय सेमिनार रविवार को हुआ. सेमिनार में 24 मार्च को झारखंड के विस्थापितों को पुनर्वास, नियोजन एवं मुआवजा के सवालों एवं झारखंड आंदोलनकारियों के रोजी रोजगार, नियोजन, अलग पहचान, जेल जाने की बाध्यता को समाप्त कर तथा सम्मान राशि 50-50 हजार रुपये देने की मांग को लेकर विधानसभा का घेराव प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया. पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने कहा कि धरतीपुत्रों, किसानों, दलितों, गरीबों, आदिवासियों को उजाड़ कर विकास की अवधारणाओं को फलने फूलने नहीं दिया जायेगा. राज्य सरकार भूमि बैंक को रद्द करें. झारखंड राज्य विस्थापन आयोग का गठन करें. गैरमजरूआ जमीन के भूमि बैंक को सरकार रद्द करे. गैर मजरूआ जमीन का रशीद काटना चालू करे. अगर अधिग्रहण किया जाता है, तो रैयती के समान मुआवजा का भुगतान करे. बताया कि 24 मार्च को झारखंड राज्य से जितने भी विस्थापन संगठन सक्रिय हैं सभी इसमें शामिल होंगे.झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के संस्थापक व प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने कहा कि झारखंड में आंदोलनकारी के कारण राज्य में सरकार है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आंदोलनकारी के गौरव पुत्र हैं. उन्होंने आंदोलनकारियों को सम्मानित पेंशन देने की घोषणा की थी. उसे जल्द लागू करें. गौतम सागर राणा ने कहा कि झारखंड में अब विस्थापितों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता है. अध्यक्षता भारत माला विस्थापित के अगुआ महेश बंडो एवं धन्यवाद ज्ञापन भूमि बचाओ आंदोलन के अगुआ अर्जुन कुमार ने किया. मौके पर रेशमा परवीन, अब्दुल कलाम रसिदी, बटेश्वर प्रसाद मेहता, पुष्पा बरदेवा, गयानाथ पांडेय, मो जहूर, गणेश प्रसाद महतो, जय नारायण मेहता, शिवलाल महतो, मनोज महतो, निसार अहमद, रामेश्वर कुशवाहा, शंभू कुमार, अजय मिश्रा, रोहित कुमार, अनंत कुमार आर्य, हरिकांत मेहता सहित सैकड़ो आंदोलनकारी एवं विस्थापित उपस्थित थे.
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