घर तोड़ने पर रैयत ने दी आत्मदाह की चेतावनी

एनएचएआई द्वारा सड़क चौड़ीकरण को लेकर पिपरा के कई रैयतों ने भूअर्जन कार्यालय हजारीबाग और एनएचएआई पर मनमानी का आरोप लगाया है.

सड़क चौड़ीकरण मापी के बाद नहीं मिला मुआवजा

चौपारण.

एनएचएआई द्वारा सड़क चौड़ीकरण को लेकर पिपरा के कई रैयतों ने भूअर्जन कार्यालय हजारीबाग और एनएचएआई पर मनमानी का आरोप लगाया है. रैयतों का आरोप है कि तीन वर्ष पहले भूअर्जन कार्यालय द्वारा जमीन व मकान का मापी किया जा चुका है. पिपरा के सीताराम राणा, अवध राणा, देवा साव, श्यामदेव साव को मापी के बावजूद कोई मुआवजा नहीं मिला. रैयतों ने भुअर्जन, भवन प्रमंडल और एनएचएआई कार्यालयों में आवेदन देकर मुआवजे की मांग की है. रैयत सीताराम राणा ने कहा कि कार्यालय के कर्मियों ने बताया कि आपलोगों का अवार्ड बना है, जो मिल नही रहा है. रैयतों की मांग है जिसका मापी हो चुका है उन्हें नोटिस दिया जाय. रैयतों ने कहा कि सड़क निर्माण कंपनी जबरन मकान तोड़ने के लिए पोकलेन मशीन उतार कर भूमि व जमीन अधिग्रहण शुरू कर दिया है. घर टूटने से पूरा परिवार बेघर हो जायेगा. मुआवजे का भुगतान किए बिना अगर कंपनी मकान तोड़ती है तो पूरा परिवार आत्मदाह करने को विवश होंगे.

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By Prabhat Khabar News Desk

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