कॉलेज से ही बदलाव की शुरुआत जरूरी : रहाटकर

संत कोलंबा महाविद्यालय में कैंपस कॉलिंग कार्यक्रम

हजारीबाग. संत कोलंबा महाविद्यालय हजारीबाग में मंगलवार को कैंपस कॉलिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया किशोर रहाटकर, सदस्य ममता कुमारी, अर्चना मजूमदार, डेलीना खोंगडुप एवं प्राचार्य डॉ बिमल रेवेन ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर की. अतिथियों का स्वागत स्मृति चिह्न, पौधा एवं शॉल देकर किया गया. प्राचार्य डॉ बिमल रेवेन ने कहा कि यौन उत्पीड़न केवल कानून का उल्लंघन ही नहीं, बल्कि किसी व्यक्ति की गरिमा, स्वतंत्रता एवं समानता पर सीधा आघात है. मौके पर कैंपस अंबेसडर को प्रमाणपत्र प्रदान किया गया. मंच संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन एनएसएस की स्वयंसेविका सिफत ने किया. इस अवसर पर प्राध्यापक, एनएसएस के स्वयंसेवक, एनसीसी के कैडेट, शिक्षा संकाय एवं महाविद्यालय के विद्यार्थी उपस्थित थे.

यौन उत्पीड़न के खिलाफ चुप्पी तोड़नी होगी

मुख्य अतिथि विजया किशोर रहाटकर ने कहा कि आप सभी विद्यार्थी देश के भविष्य निर्माता हैं. इसलिए यह आवश्यक है कि आप केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रहें, बल्कि सामाजिक, नैतिक और डिजिटल चुनौतियों को भी समझें. कॉलेज एक ऐसा स्थान है, जहां आने वाले सभी युवाओं के चरित्र और मूल्य गढ़े जाते हैं. इसीलिए बदलाव की शुरुआत यहीं से होनी चाहिए. उन्होंने यौन उत्पीड़न रोकथाम अधिनियम-2013 की जानकारी देते हुए इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया. साथ ही साइबर सुरक्षा के महत्व को रेखांकित किया. विशेष रूप से युवाओं से लैंगिक संवेदनशीलता अपनाने की अपील करते हुए कहा कि आपके निर्णय, दृष्टिकोण और साहस ही भविष्य की दिशा तय करेगा. किसी भी प्रकार के उत्पीड़न के विरुद्ध आवाज उठायें और अपने साथियों का समर्थन करें.

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Author: SUNIL PRASAD

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