जर्जर घर में रहने को विवश है प्यारी देवी का परिवार, आवास की मांग को लेकर विधायक और बीडीओ से भी लगायी है गुहार लेकिन नहीं मिला लाभ

प्यारी जिस घर में रह रही है, उस घर की दीवारें व छप्पर जर्जर हो चुका है. वह किसी भी समय गिर सकता है. समय रहते प्यारी की आवास की मांग पूरी नहीं हुई, तो कोई बड़ी घटना घट सकती है. आवास की मांग के लिए प्यारी सांसद, विधायक, बीडीओ से लेकर गांव की सरकार तक गुहार लगा चुकी है. प्यारी देवी के पास राशन कार्ड है. विधवा पेंशन भी मिलता है. जिससे परिवार का भरण पोषण तो हो रहा है. पर उसके पास इतना पैसा नहीं है कि प्यारी स्वयं घर बना सके.

हजारीबाग : प्रखंड में कई ऐसे परिवार जो जर्जर घरों में रहने को विवश हैं. सरकारी की जन कल्याणकारी योजना का लाभ सही व्यक्तियों तक नहीं पहुंच पाया है. एक ऐसा ही मामला ग्राम पंचायत दैहर का है. गांव प्यारी देवी पति स्व कामेश्वर राय अपने परिवार के साथ जर्जर घर में रहने को विवश है. आज के दिन में उनका घर झोपड़ीनुमा हो चुका है.

कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

प्यारी जिस घर में रह रही है, उस घर की दीवारें व छप्पर जर्जर हो चुका है. वह किसी भी समय गिर सकता है. समय रहते प्यारी की आवास की मांग पूरी नहीं हुई, तो कोई बड़ी घटना घट सकती है. आवास की मांग के लिए प्यारी सांसद, विधायक, बीडीओ से लेकर गांव की सरकार तक गुहार लगा चुकी है. प्यारी देवी के पास राशन कार्ड है. विधवा पेंशन भी मिलता है. जिससे परिवार का भरण पोषण तो हो रहा है. पर उसके पास इतना पैसा नहीं है कि प्यारी स्वयं घर बना सके.

बड़ा बेटा करता है भिक्षाटन

प्यारी के परिवार में छह सदस्य है. बड़ा बेटा सुभाष राय भिक्षाटन करता है. उसकी पत्नी वीणा देवी गृहिणी है. मुकेश घर की हालत देख विवश होकर पढ़ाई छोड़ कर मजदूरी करता है. विकास व काजल कुमारी गांव की स्कूल में पढ़ते हैं.

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