Hazaribagh News: श्रम अधीक्षक ने यात्री वाहन और ट्रांसपोर्ट संचालकों के साथ की बैठक, दिये अहम निर्देश

Hazaribagh News: हजारीबाग में श्रम अधीक्षक ने यात्री वाहन और ट्रांसपोर्ट संचालकों के साथ जरूरी मीटिंग की. उन्होंने संचालकों को कामगारों के साथ सौतेला व्यवहार नहीं करने की बात कही. साथ ही कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिये. इस दौरान ट्रांसपोर्ट संचालकों ने भी श्रम अधीक्षक को अपनी परेशानी बतायी.

Hazaribagh News | हजारीबाग, आरिफ: हजारीबाग जिले में परिवहन से जुड़े सभी यात्री वाहन एवं ट्रांसपोर्ट में काम करने वाले श्रमिकों को जल्द ही प्रावधान के अनुसार मजदूरी व अन्य आवश्यक सुविधाएं मिलेगी. ऐसा नहीं करने पर यात्री वाहन जैसे बस व अन्य गाडियां एवं ट्रांसपोर्ट के संचालकों के विरुद्ध नियम संगत कार्रवाई की जायेगी. इसे लेकर 8 जुलाई को एक अहम बैठक हुई.

श्रम अधीक्षक ने दिये अहम निर्देश

जानकारी के अनुसार, श्रम अधीक्षक अनिल रंजन ने मंगलवार को संचालकों के साथ बैठक की, जिसमें उन्होंने यह बातें कहीं. उन्होंने परिवहन से जुड़े श्रमिकों से संबंधित विभिन्न मुद्दों को लेकर जिले भर के यात्री वाहन एवं ट्रांसपोर्ट संचालकों के साथ चर्चा की. बैठक के बाद श्रम अधीक्षक ने कई महत्वपूर्ण निर्देश दिये.

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इस अधिनियम का पालन करना जरूरी

उन्होंने बताया कि मोटर परिवहन कर्मचारी अधिनियम 1961 के तहत परिवहन से जुड़ी जगहों पर चालक, उपचालक एवं इससे जुड़े अन्य श्रमिकों को आठ घंटे काम करना है. वहीं, काम के बदले मिलने वाली मजदूरी प्रत्येक महीने की सात तारीख को कामगारों के बैंक खाते में संचालकों को देना है. संचालकों को मजदूरी भुगतान अधिनियम 1936 का भी पालन करना है.

सौतेला व्यवहार कर रहे संचालक

श्रम अधीक्षक अनिल रंजन ने कहा शिकायतें मिल रही हैं, संचालक कामगारों के साथ सौतेला व्यवहार कर रहे हैं. अनिल रंजन ने कहा सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश बाद बैठक कर परिवहन से जुड़े संचालकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं. संचालकों को दिशा-निर्देश का पालन करना अनिवार्य होगा. परिवहन से जुड़े कार्य में नाबालिगों का कोई रोल नहीं होगा.

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संचालकों ने अपनी समस्या से कराया अवगत

इधर, बैठक में कई बस एवं ट्रांसपोर्ट संचालकों ने भी अपनी-अपनी समस्या से श्रम अधीक्षक को अवगत कराया. मालूम हो कि जिले में यात्री बसों की संख्या 900 से अधिक है. इसमें काम करने वाले चालक, उपचालक, कंडक्टर एवं अन्य सैकड़ों की संख्या में है. बस के अलावा छोटे यात्री वाहनों की संख्या हजारों में है. जिले में ट्रांसपोर्ट गाड़ियां भी भरी पड़ी है. सभी जगह श्रमिक कार्यरत हैं.

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लेखक के बारे में

By Rupali Das

नमस्कार! मैं रुपाली दास, एक समर्पित पत्रकार हूं. एक साल से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. वर्तमान में प्रभात खबर में कार्यरत हूं. यहां झारखंड राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण सामाजिक, राजनीतिक और जन सरोकार के मुद्दों पर आधारित खबरें लिखती हूं. इससे पहले दूरदर्शन, हिंदुस्तान, द फॉलोअप सहित अन्य प्रतिष्ठित समाचार माध्यमों के साथ भी काम करने का अनुभव है.

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