डिजिटल तकनीक से साइबर जोखिम भी बढ़े हैं : डीसी

कार्यशाला

हजारीबाग. सुरक्षित इंटरनेट दिवस पर मंगलवार को जिला प्रशासन की ओर से समाहरणालय सभाकक्ष में जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया. अध्यक्षता उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने की. कार्यक्रम का उद्देश्य शासकीय पदाधिकारियों एवं कर्मियों को इंटरनेट के सुरक्षित, सतर्क और जिम्मेदार उपयोग के प्रति जागरूक करना था. कार्यशाला में इंटरनेट फ्रॉड, साइबर अपराध, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कॉल व लिंक के जरिये होने वाली ठगी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआइ) के सही उपयोग तथा डीपफेक तकनीक के बढ़ते दुरुपयोग पर जानकारी दी गयी. उपायुक्त ने कहा कि डिजिटल तकनीक से प्रशासनिक कार्यों में तेजी और पारदर्शिता आयी है, लेकिन साइबर जोखिम भी बढ़ा है. सभी पदाधिकारियों और कर्मियों की सतर्कता बेहद जरूरी है. उन्होंने किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या लिंक से सावधान रहने की अपील की. उपायुक्त ने उपस्थित सभी पदाधिकारियों को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग की शपथ दिलायी. कार्यक्रम का संचालन जिला सूचना पदाधिकारी ने किया. कार्यशाला में प्रशिक्षु आइएसएस, विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद थे. साइबर अपराध के मामले लगातार बढ़ रहे : एसडीपीओ अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अमित आनंद ने कहा कि साइबर अपराध के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है. डिजिटल अरेस्ट के नाम पर आने वाले कॉल पूरी तरह फर्जी होते हैं. साइबर अपराधी खुद को पुलिस, सीबीआइ, इडी या अन्य एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को डराने का प्रयास करते हैं. डीपफेक जैसी तकनीकों का दुरुपयोग कर ठगी करते हैं.

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Published by: Sunil prasad

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