प्रतिनिधि कटकमसांडी महाशिवरात्रि का पावन पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ 15 फरवरी को मनाया जायेगा. इस अवसर पर कटकमसांडी और कटकमदाग प्रखंड के एक सौ से अधिक शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने लगेगी. 14 फरवरी को ही मंदिरों को फूलों, लाइटों और आकर्षक सजावट से भव्य रूप दिया गया है, जिससे वातावरण पूरी तरह शिवमय हो गया है।महाशिवरात्रि का धार्मिक महत्व अत्यंत विशेष माना जाता है. शास्त्रों के अनुसार इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था. यह पर्व शिवभक्तों के लिए आत्मशुद्धि, तप और साधना का प्रतीक है. मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा करने से समस्त कष्टों का नाश होता है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. इस दिन श्रद्धालु व्रत रखकर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और भस्म से शिवलिंग का अभिषेक करते हैं. रात्रि जागरण का भी विशेष महत्व है, जिसमें भजन-कीर्तन और शिव नाम का जाप किया जाता है. कहा जाता है कि यह रात्रि आत्मचिंतन और आध्यात्मिक उन्नति का अवसर प्रदान करती है. महाशिवरात्रि केवल एक पर्व नहीं, बल्कि संयम, भक्ति और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा भी है. इसी आस्था के साथ आज हर हर महादेव के जयघोष से शिवालय गूंजेंगे.
महाशिवरात्रि पर्व आज, शिवालयों में उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भीड़
महाशिवरात्रि का पावन पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ 15 फरवरी को मनाया जायेगा.
