हजारीबाग. शहर के ओकनी तालाब रोड स्थित बाबा विश्वनाथ मंदिर प्रांगण में आयोजित शिव परिवार व गंगा माता प्राण-प्रतिष्ठा सह श्री श्री 1008 पांच दिवसीय श्री रुद्र चंडी महायज्ञ के तीसरे दिन भक्तिरस की अविरल धारा बहती रही. दो फरवरी से प्रारंभ महायज्ञ में श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ रही है. तीसरे दिन अग्नि स्थापन, हवन एवं समस्त अधिवास का विधान यज्ञाचार्य पंडित अवधेश मिश्र ने सहयोगी पुरोहित अंबुज मिश्र व मंदिर आचार्य पंडित अरविंद मिश्र के साथ संपन्न कराया. इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने होली खेली और भगवान का आशीर्वाद लिया. मंगलवार की संध्या हरिद्वार से पधारे प्रवचनकर्ता पंडित नकुलदेव शास्त्री ने संगीतमय प्रवचन में समुद्र मंथन का वर्णन करते हुए बताया कि भगवान शिव हलाहल विष पीकर नीलकंठ कहलाये और सृष्टि की रक्षा की. उन्होंने परोपकार का संदेश दिया. वाद्ययंत्र पर मंटू व शिबू जी ने भक्ति रस घोला. पांच फरवरी को देवस्तवनन, हवन व प्रतिमाओं का नगर भ्रमण होगा. छह फरवरी को प्राण-प्रतिष्ठा, पूर्णाहुति, भंडारा व भव्य गंगा आरती आयोजित होगी. प्राण-प्रतिष्ठा का शुभ मुहूर्त शुक्रवार पूर्वाह्न 11.42 से 1.39 बजे तक निर्धारित है.
महायज्ञ में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
तीसरे दिन भक्तिरस की अविरल धारा बहती रही
