हजारीबाग में हवलदार पशुपति नाथ तिवारी की पैतृक घर में निर्मम हत्या

एक सप्ताह पूर्व छुट्टी में पैतृक गांव भगवतपुर, आरा (बिहार) गये थे

हजारीबाग. हजारीबाग में पदस्थापित हवलदार चालक पशुपति नाथ तिवारी की उनके पैतृक घर में 19 दिसंबर की देर रात गला रेतकर हत्या कर दी गयी. मृतक हवलदार बिहार के आरा (भोजपुर) जिला के चांदी थाना क्षेत्र के भगवतपुर गांव के रहनेवाले थे. वह हजारीबाग जिला में 15 वर्षों से पुलिस चालक के पद पर कार्यरत थे. वह वर्तमान में पीसीआर वाहन के चालक थे. जानकारी के अनुसार पशुपति नाथ तिवारी एक सप्ताह पूर्व अपने पैतृक गांव छुट्टी मनाने गये थे. वह जनवरी 2026 में सेवानिवृत्त होने वाले थे. घर में पत्नी और एक पुत्र है. पशुपति नाथ तिवारी ने हजारीबाग जिले में कई थाना के वाहन के चालक के पद पर कार्य किया है. पीसीआर के पूर्व वह वर्षों तक महिला थाना के चालक पद पर कार्यरत थे. जानकारी के अनुसार, चांदी थाना की पुलिस घटना की जांच-पड़ताल में जुट गयी है. हवलदार की हत्या किसने और क्यों की, अनुसंधान के बाद ही इसका खुलासा हो पायेगा.

सुकून के लिए हवलदार गया था पैतृक घर :

पुलिस मेंस एसोसिएशन के प्रदेश संयुक्त महामंत्री उपेंद्र कुमार मिश्रा ने कहा कि पुलिसकर्मी सुकून पाने के लिए छुट्टी में घर जाते हैं अौर घर में उनकी हत्या हो जाती है. आम लोगों को सुरक्षा देनेवाले पुलिस कर्मियों की कोई सुरक्षा नहीं है. प्रदेश संयुक्त महामंत्री ने कहा कि मृतक हवलदार के परिजनों को सरकारी प्रावधान के तहत तय मुआवजा जल्द दिलाया जायेगा. हवलदार पशुपति नाथ तिवारी मृदुभाषी थे. उन्होंने हजारीबाग जिला में करीब 15 वर्षों तक सेवा दी है. उनकी हत्या से हजारीबाग पुलिस मेंस एसोसिएशन के पदाधिकारी व सदस्य मर्माहत हैं.इधर, सीसीआर डीएसपी ने कहा कि हवलदार की हत्या की जानकारी हुई है. हालांकि ऑफिशियली सूचना नहीं मिली है. वह डेढ़ वर्ष से पीसीआर वाहन के चालक थे.

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By SUNIL PRASAD

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