चलकुशा: प्रखंड में प्रखंड विकास पदाधिकारी सह बाल विकास परियोजना पदाधिकारी अमृता सिंह ने विभिन्न गांवों का दौरा कर कई आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान कई केंद्रों में अनियमितताएं सामने आने पर संबंधित सेविका एवं सहायिकाओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया.
चांदनी चौक आंगनबाड़ी केंद्र में सेविका बबिता देवी बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाई गई. निरीक्षण के दौरान बच्चों को नाश्ता एवं भोजन उपलब्ध नहीं कराया गया था. केंद्र में मात्र दो बच्चों की उपस्थिति दर्ज की गई. सहायिका ने बताया कि सभी प्रकार के पंजी सेविका अपने घर पर रखती हैं.
निरीक्षण के समय सहायिका मोबाइल पर बात करते हुए टेबल पर पैर रखकर बैठी मिली. बीडीओ अमृता सिंह ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए सेविका एवं सहायिका से स्पष्टीकरण मांगी तथा सेवामुक्ति की अनुशंसा कर जिला कार्यालय को चयन मुक्ति का प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया. सेवाटांड आंगनबाड़ी केंद्र में भी सेविका अनुपस्थित पाई गई. केंद्र में न तो भोजन और नाश्ता बन रहा था.
बच्चों को पोषाहार के रूप में अंडा भी नहीं दिया जा रहा था. यहां भी केवल दो बच्चों की उपस्थिति रही. सहायिका ने बताया कि उपस्थिति पंजी सेविका अपने घर पर रखती हैं. संबंधित सेविका की कार्यशैली पूर्व में भी संतोषजनक नहीं रही है. बीडीओ ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए चयन मुक्ति की अनुशंसा के साथ जिला को प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया. रागडीह स्थित आंगनबाड़ी केंद्र दोपहर 12.20 बजे बंद पाया गया, जिसके कारण निरीक्षण नहीं हो सका.
मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित सेविका एवं सहायिका से स्पष्टीकरण मांगने तथा उनका मानदेय स्थगित करने की अनुशंसा करने का निर्देश दिया गया. भिखनाडीह आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को दिये जा रहे भोजन की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पाई गई.
