हाल. शहर में अधिकांश चापाकल खराब, प्रशासन भी नींद में, जनता बेहाल
हजारीबाग : हजारीबाग शहर में पानी की समस्या उत्पन्न हो गयी है. शहर के अधिकांश चापानल खराब हैं. पानी नहीं मिलने से यहां हाहाकार मचा हुआ है, जबकि जून माह में तापमान चरम पर है. स्थिति यह है कि सार्वजनिक एवं निजी कुएं सूख गये हैं. लोग पानी के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं. नगर परिषद क्षेत्र के सभी 32 वार्डों में काफी संख्या में चापानल खराब हैं. मुहल्ले के लोग पानी के लिए छड़वा डैम सप्लाई लाइन पर ही निर्भर हैं. सप्ताह में तीन दिन सप्लाई नल बंद रहता है.
मुहल्ले के लोग निजी डीप बोरिंग नल से पानी लेकर किसी तरह जीवकोपार्जन कर रहे हैं. टैंकर से पानी सप्लाई सिर्फ कागजी घोषणा तक ही सीमित है. मई और जून माह में भी टैंकर से पानी की सप्लाई नहीं की गयी. इससे लोगों ने नाराजगी है.
अलग-अलग क्षेत्र में दर्जनों चापानल खराब: शहर के खिरगांव व नमस्कार चौक के पास चापानल खराब है. मुहल्ले के लोगों ने बताया कि कम से कम गरमी में सरकार चापानल बनवा दे. पार्षद से बोल कर थक चुके हैं. शहर के हरिनगर चौक स्कूल के पास भी चापानल खराब है. यह मुहल्ला शहर के मेन रोड लक्ष्मी टॉकिज से सटा हुआ है. राजनीति के लिए इस मुहल्ले का इस्तेमाल सभी दलों के लोग करते रहते हैं, लेकिन खराब चापानल बनवाने की दिशा में गंभीरता नहीं बरती जाती है. बिहारी दुर्गा स्थान के पास का भी चापानल भी खराब है. दुकानदार रघु पांडेय ने कहा कि वार्ड पार्षद का मुहल्ला है, लेकिन कोई खराब चापानल नहीं बना है. बाबू गांव कोर्रा रोड का चापानल खराब होने से यह रह रहे विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है.
इसी तरह हुरहुरू डमर लॉज के पास का चापानल कई माह से खराब है. मुहल्ले के गौतम राजकुमार ने कहा कि खराब चापानल का हैंडसेट लगाया गया, लेकिन चापानल लगते ही उखड़ गया. यही हाल शहर के अधिकांश मुहल्लों में लगे चापानलों का है. कई स्थानों पर पुराने चापानल को मरम्मत करने की जगह चंद दूरी पर नया चापानल लगाया गया है. वह चापानल भी खराब है. शहर में कई मुहल्लों के लोग चापानल और कुओं पर ही निर्भर हैं. दोनों जल स्त्रोत खराब होने से लोग पानी के लिये परेशान हैं. स्थानीय लोगों में विभाग के प्रति नाराजगी है.
