रवींद्र कुमार सिंह
हजारीबाग : विकास के नये-नये आयामों को लांघते हुए हजारीबाग तेजी से अपना आकार बढ़ाने की ओर अग्रसर है. पिछले 10 सालों के अंदर इस शहर का जितना विकास हुआ है, उसी अनुपात में इसका विस्तार भी हुआ है. शहर का चौतरफा दायरा चार किलोमीटर से बढ़ कर अब 20 किलोमीटर तक फैल गया है. शहर से 10 किलोमीटर पूरब मेरू 10 किलोमीटर पश्चिम सुल्ताना तक शहर फैला हुआ है.
इसी तरह शहर से 10 किलोमीटर उत्तर इचाक व 10 किलोमीटर दक्षिण डेमोटांड़ तक विकसित हो चुका है. जितनी तेजी से जनसंख्या बढ़ी है, उतनी ही तेजी से क्षेत्रफल और उसी अनुपात में सुविधा और संसाधन भी बढ़े हैं. शहर में आर्थिक संपन्नता भी आयी है. शिक्षा और रोजगार के साथ व्यवसाय का बढ़ता आकार इस शहर के विकास के नये आयाम तक पहुंचाने में मददगार साबित हुआ है. बताया जाता है कि प्राकृतिक सौंदर्य, अनुकूल मौसम, शिक्षा की बेहतर व्यवस्था और शांति व्यवस्था को लेकर यह शहर लगातार विकास की ओर बढ़ता जा रहा है.
पहले थे 21 वार्ड, अब हो गये 32 वार्ड: दस साल पूर्व 21 वार्डों तक सिमटा हजारीबाग अब 32 वार्डों तक पहुंच गया है. लगातार नये-नये इलाके जुड़ते जाने से आनेवाले समय में इसका दायरा 50 से 55 वार्ड तक करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. दस साल पहले तक करीब चार किलोमीटर के दायरे में बसा यह शहर वर्तमान में चौतरफा करीब 20 किलोमीटर का दायरा बढ़ा चुका है. यह सिलसिला अभी यहीं नहीं थमा है. आनेवाले समय में इस शहर का दायरा 25 से 30 किलोमीटर तक हो जाए तो कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी.
साल में बिकती है ढाई हजार कार व 25 हजार बाइक: विकास की ओर अग्रसर हजारीबाग में लग्जरी कारें और बाइक की कई शोरूम खुले हुए हैं. विभिन्न कारों के छह शोरूम है. इनमें सालाना करीब ढाई हजार कारें बिकती है. विभिन्न कंपनियों की बाइक की सात शोरूम यहां है. सालाना करीब 25 हजार बाइक की बिक्री होती है. ट्रैक्टर की 20 एजेंसी है. सालाना करीब 1000 ट्रैक्टर की बिक्री होती है. बस और ट्रक की बिक्री के मामले में भी यह शहर पीछे नहीं है. यहां इसके पांच शोरूम है. बताया जाता है कि प्रति वर्ष करीब 800 ट्रक व बस की बिक्री होती है. ऑटो रिक्शा के भी चार शोरूम है. जहां सालाना 1000 अटो रिक्शा बिकते हैं.
स्वास्थ्य व्यवस्था में भी अग्रसर: शहर स्वास्थ्य व्यवस्था के मामले में सुदृढ़ होता जा रहा है. यहां 200 से अधिक निजी क्लिनिक व अस्पताल खुल चुके हैं. जहां सभी तरह के डायलिसिस की भी व्यवस्था है. हालांकि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में यह शहर अभी पीछे हैं. यहां अब तक मेडिकल कॉलेज नहीं खुल पाया है.
250 के करीब बन गये अपार्टमेंट
पिछले 10 सालों के अंदर नये-नये इलाकों का शहरीकरण हुआ है. इस अवधि में करीब ढाई सौ अपार्टमेंट का निर्माण हुआ है. शिक्षा के मामले में यह शहर हब बनता जा रहा है. यहां सभी विषयों की तैयारी करायी जाती है.
इस शहर में एक निजी व एक सरकारी विश्वविद्यालय के साथ ही 300 से अधिक कोचिंग संस्थान भी हैं. शिक्षा के हब के रूप में विकसित इस शहर में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खुलने का सिलसिला तेजी से जारी है. इसी अनुपात में रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं. यहां रहने वाले लोगों के दिलों दिमाग पर आधुनिकता हावी होने के कारण लोगों के रहन-सहन में तेजी से बदलाव आया है. जिसके कारण यहां ब्रांडेड कपड़ों के दर्जनों शोरूम खुल चुके हैं. आधुनिकता का असर महिलाओं पर भी कम नहीं है. यहां आधुनिकता से सुसज्जित ब्यूटी पार्लरों में 1000 रुपया से लेकर 20 हजार रुपया तक एक रोज में खर्च किये जा रहे हैं.
50 से अधिक खुल चुके हैं होटल
शहर के सौंदर्य व अच्छे वातावरण को लेकर हमेशा बाहर-बाहर से लोग आते रहते हैं. उन्हें ठहरने के लिए 50 से अधिक आवासीय होटल भी हैं. शहर के पार्क और झील भी इसके सौंदर्य को बढ़ाता है. यहां 300 से अधिक आभूषण दुकान भी हैं. आधा दर्जन ऐसे मॉल है. जिसमें जरूरत की अधिकांश सामान एक ही जगह उपलब्ध हो जाते हैं.
क्या कहते हैं व्यवसायी
शिक्षा के क्षेत्र में हुआ विकास: राजेंद्र लाल
चेंबर ऑफ कॉमर्स के संस्थापक अध्यक्ष राजेंद्र लाल बताते हैं कि यहां के अच्छे वातावरण के कारण शैक्षणिक हब बन जाने से शहर का इतना अधिक विकास हुआ है. शिक्षा को लेकर बाहर के भी लोग यहां बसने लगें. गृह निर्माण में काफी वृद्धि हुआ है. पहले 4 किलोमीटर में शहर सिमटा हुआ था. अब 20 किलोमीटर चौतरफा फैल गया है. 10 सालों में काफी विस्तार हुआ है. लगातार शहर बढ़ता जा रहा है.
सुविधाओं से परिपूर्ण है शहर: किशन शर्मा
हजारीबाग के व्यवसायी किशन शर्मा बताते हैं कि 10 सालों में आबादी बढ़े. मार्केट बढ़ा. इनकम भी बढ़ी है. रियल इस्टेट, मॉल, ऑटो एजेंसी, ब्रांडेड कपड़ों के शोरूम, होटल जैसी हर सुविधाओं से यह शहर परिपूर्ण हो चुका है.
