ग्रामीणों ने काम बंद कराया

डकरा : प्रसाद एक्सप्लोसिव पर दो साल से आश्वासन देकर काम नहीं देने का आरोप लगा कर धोबीटोला के ग्रामीणों ने गुरुवार को अशोक लिलैंड का काम बंद करा दिया. ग्रामीणों ने गैरेज में अपना ताला लगा कर लगभग पांच घंटे तक काम बंद कराये रखा. बाद में प्रसाद एक्सप्लोसिव के प्रतिनिधि आरके सिंह ने […]

डकरा : प्रसाद एक्सप्लोसिव पर दो साल से आश्वासन देकर काम नहीं देने का आरोप लगा कर धोबीटोला के ग्रामीणों ने गुरुवार को अशोक लिलैंड का काम बंद करा दिया. ग्रामीणों ने गैरेज में अपना ताला लगा कर लगभग पांच घंटे तक काम बंद कराये रखा. बाद में प्रसाद एक्सप्लोसिव के प्रतिनिधि आरके सिंह ने ग्रामीणों से बातचीत की, इसके बाद काम चालू हो सका. इस संबंध में बस्ती के नरेश तुरी ने बताया कि प्रसाद एक्सप्लोसिव को सात साल पहले सीसीएल ने यहां एक्सप्लोसिव प्लांट लगाने के लिए लगभग चार एकड़ जमीन दी है.
प्रबंधन ने ग्रामीणों को रोजगार देने का भरोसा दिया था. लेकिन एक सुनियोजित तरीके से प्रसाद एक्सप्लोसिव ने यह जमीन अशोक लिलैंड को भाड़े पर दे दिया गया. अब प्रसाद एक्सप्लोसिव रोजगार के नाम पर अपना पल्ला झाड़ने लगा. तालाबंदी के बाद आरके सिंह ग्रामीणों से बात किये एवं ग्रामीणों का प्रसाद एक्सप्लोसिव के मालिक सुबोध प्रसाद से फोन पर बात करायी. उन्होंने शनिवार को ग्रामीणों को रांची वार्ता के लिए बुलाया है. इस बातचीत के बाद ग्रामीणों ने अपना आंदोलन वापस ले लिया. इस मौके पर राजेश तुरी, मनोज उरांव, विकास तुरी, संतोष तुरी, निर्मल तुरी, संजय महतो, राजकुमार तुरी, रंजीत तुरी, पन्ना तुरी, रामजगत बैठा, राजेश बैठा, अनिल बैठा, मनोज बैठा सहित कई लोग मौजूद थे.
सीसीएल अधिकारी जमीन का धंधा कर रहे हैं: इसमाइल
झारखंड जनशक्ति मजदूर यूनियन के एनके एरिया सचिव इसमाइल अंसारी ने कहा कि प्रसाद एक्सप्लोसिव को प्लांट लगाने की आड़ में एनके एरिया के कुछ बड़े अधिकारी कंपनी के साथ मिल कर जमीन का धंधा कर रहे हैं. आठ साल पहले प्रसाद कंपनी को जमीन दी गयी, लेकिन आज तक कंपनी ने प्लांट नहीं लगाया. कंपनी ने जमीन अशोक लिलैंड को दे दी. मामले में सीसीएल अधिकारी हस्तक्षेप नहीं कर रहे हैं.
मामले की जांच करायी जायेगी : एके सिंह: एनके एरिया के महाप्रबंधक कार्मिक एके सिंह ने कहा कि प्रसाद एक्सप्लोसिव को जमीन प्लांट लगाने के लिए लीज पर दिया गया है. उसने लीज पर लिये जमीन पर प्लांट न लगा कर कैसे किसी दूसरे कंपनी को भाड़े पर दे दिया है, इसका पता लगा कर कार्रवाई की जायेगी.
डकरा पीओ ने मामले में कहा कि राजस्व अधिकारी से पूछना पड़ेगा. राजस्व अधिकारी ने बताया कि प्रसाद एक्सप्लोसिव एग्रीमेंट के अनुसार सीसीएल को जमीन का पैसा नहीं दे रही थी, जब कंपनी से कहा गया तो उन्होंने कई तरह की समस्या बतायी थी. लीज पर जमीन लेकर उसे भाड़े पर देना पूरी तरह गलत है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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