हजारीबाग : केरल में हिंदूवादी और राष्ट्रीय विचार रखनेवाले लोगों की हत्या के विरोध में बुधवार को जिला समाहरणालय के समक्ष एक दिवसीय धरना दिया गया. जनाधिकार समिति की ओर से आयोजित धरना की अध्यक्षता जिला संयोजक विजय पांडेय ने की, जबकि संचालन संजय चौबे ने किया. वक्ताओं ने कहा कि देश विरोधी ताकतें अभिव्यक्ति के नाम पर एक अलग आंदोलन चला रहे हैं.
केरल में 18 मई 2016 से जनवरी 2017 तक दो दर्जन से राष्ट्रवादी विचारधारा के कार्यकर्ताओं की हत्या व उनके घरों में आगजनी की गयी. राज्य सरकार के संरक्षण भाकपा द्वारा संघ,भाजपा व अन्य राष्ट्रवादी विचारवाले कार्यकर्ताओं की हत्या मामले को गुंडागर्दी बताया. कहा कि मुट्ठी भर भाकपा के लोग सोची समझी साजिश के तहत अपना विचार थोपना चाहते हैं. धरना के बाद समिति की ओर से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन डीसी को सौंपा गया.
ज्ञापन में समिति ने केरल सरकार को बर्खास्त करने की मांग की है.धरना में कार्यवाह प्रदीप प्रसाद, डॉ गंगाधर दुबे, विभाग प्रचारक रविकांत, बाबा बालकनाथ, भाजपा जिला अध्यक्ष टुनू गोप,अमरदीप यादव, जगदीश सिंह,पंकज मेहता, अरविंद राणा,योगेंद्र सिन्हा, डॉ वीके सिंह,राजीव कुमार,ज्ञानचंद प्रसाद मेहता, प्रदीप कुमार, उदयनारायण सिंह, प्रो बंशीधर रूखैयार,मनोज गुप्ता, महावीरलाल विश्वकर्मा, फलाहारी बाबा, आनंद कुमार, सिद्धेश्वर गोस्वामी, वीरेंद्र मिश्रा, बबलू कुमार, रवींद्र ठाकुर, मनोज राणा, अजीत गुप्ता,संजय शरण, नीरज कुमार, ब्रजेश कुमारी,उमेश कुमार,सतीश कुमार, नीतिन, सुमित लहरी, डॉ प्रह्लाद सिंह, सुदेश चंद्रवंशी, सरदार कुलदीप सिंह, उमेश प्रसाद व पुरुषोत्तम कुमार समेत कई कार्यकर्ता शामिल थे.
