हजारीबाग/ईटखोरी : चतरा स्थित मयूरहंड प्रखंड के रोजगारसेवक रूपेश कुमार सिंह और शोकी पंचायत के मुखिया राजकुमार मेहता को एसीबी की टीम ने 10 हजार रुपया घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद दोनों के विरुद्ध निगरानी कोषांग में मामला दर्ज किया गया और जेल भेज दिया. शोखी पंचायत के मुखिया राजकुमार मेहता और रोजगारसेवक रूपेश कुमार सिंह डोभा निर्माण में लाभुक महेश कुमार मेहता को राशि उपलब्ध कराने के एवज में 10 हजार रुपया घूस ले रहे थे.
क्या है मामला: लाभुक मुकेश कुमार मेहता ने बताया कि तिलारी गांव में डोभा का निर्माण कराया गया था. डोभा निर्माण की राशि निकासी के लिए रोजगार सेवक और मुखिया ने प्राक्कलित राशि के अनुसार 16 प्रतिशत रिश्वत की मांग की थी. रिश्वत नहीं मिलने पर लाभुक को बार-बार दौड़ाया जा रहा था. तंग आकर महेश कुमार मेहता ने इसकी शिकायत निगरानी कोषांग में की. निगरानी डीएसपी अजीत कुमार के अनुसार शिकायत के बाद इसकी जांच करायी गयी. जांच सत्यापित होने के बाद दोनों की गिरफ्तारी के लिए टीम बनायी गयी.
मंगलवार को निगरानी की टीम मयूरहंड के तिलारी गांव पहुंची. यहां रोजगारसेवक रूपेश कुमार सिंह को महेश कुमार मेहता से 10 हजार रुपया घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया. उसकी निशानदेही पर शोकी पंचायत के मुखिया को भी एसीबी टीम ने उसके घर से गिरफ्तार कर लिया. छापामारी दल में इंस्पेक्टर इंदुभूषण ओझा, चंद्रिका प्रसाद व श्रीराम पासवान समेत अन्य सदस्य शामिल थे.
