बाप तो नय देखलउ, बेटा देखलउ ट्रेन

आंखों देखी हजारीबाग : आखिरकार इंतजार की घड़ी खत्म हुई. हजारीबाग से बरकाकाना तक ट्रेन चलने के साथ ही यहां के लोगों को सपना साकार हो गया. ट्रेन के चलने से महिलाओं व पुरुषों में उत्साह देखते ही बन रहा था. लोग अपने पूरे होते सपने पर प्रभात खबर के प्रतिनिधि से प्रतिक्रिया व्यक्त कर […]

आंखों देखी
हजारीबाग : आखिरकार इंतजार की घड़ी खत्म हुई. हजारीबाग से बरकाकाना तक ट्रेन चलने के साथ ही यहां के लोगों को सपना साकार हो गया.
ट्रेन के चलने से महिलाओं व पुरुषों में उत्साह देखते ही बन रहा था. लोग अपने पूरे होते सपने पर प्रभात खबर के प्रतिनिधि से प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे. इनमें बुधवा उरांव भी एक थे. उनका कहना था कि पूरी उम्र गुजर गयी, तब ट्रेन चली. कोई बात नहीं अब बुढ़ापे में ट्रेन से सफर करूंगा. चमन सिंह ने भी अपनी खुशियां बांटी. कहा: बपा काल में रेल न देखलयाउ हेल.. लेकिन आज रेल के देखलयाउ. अब हम ओकर में सफर करबाउ.
ट्रेन पर अटकी थी सैकड़ों लोगों की निगाहें
हजारीबाग रेलवे स्टेशन बुधवार को सज-धज कर तैयार था. हजारीबाग से बरकाकाना तक चलनेवाली डेमू ट्रेन स्टेशन में लगी हुई थी. सुबह नौ बजे आसपास के गांव (कुद, रेवाली, मसरातू, पसई, बानादाग, कटकमदाग, हाथामेढी, सुल्ताना, मयातू व बेंदी) के लोग स्टेशन के पास जुट चुके थे.
सभी की निगाहें हजारीबाग से बरकाकाना चलनेवाली ट्रेन पर अटकी हुई थी. इस बीच हजारीबाग स्टेशन के समीप के रामनगर मुहल्ला, गांधी आश्रम रोड, कुम्हारटोली व खिरगांव मुहल्ले के लोग जो मॉर्निंग वाक के लिए निकले थे, वे भी स्टेशन पहुंच गये थे. युवाओं व बुजुर्गों में इस बात की खुशी थी कि कोडरमा से हजारीबाग तक रेल दो फरवरी 2015 को चली थी. अब ट्रेन बरकाकाना तक बढ़ी है. इंतजार है अब रांची तक जुड़ने का.
देखते ही देखते भर गयी ट्रेन, खुशी से फूले नहीं समा रहे थे लोग
केंद्रीय रेलमंत्री सुरेश प्रभु प्रभाकर ने दिन के 12.45 बजे हजारीबाग-बरकाकाना ट्रेन का नयी दिल्ली, रेल भवन से जैसे ही उदघाटन किया, हजारीबागवासियों के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गयी.
उदघाटन के साथ ही कार्यक्रम में बैठे लोग खड़े हुए और रेल मंत्री सुरेश प्रभु, मुख्यमंत्री रघुवर दास, रेल राज्यमंत्री राजेंद्र गोहन एवं मंच पर उपस्थित केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा, विधायक मनीष जायसवाल के स्वागत में तालियां बजायी. इसके बाद जयंत सिन्हा व मनीष जायसवाल मंच से उतर कर प्लेटफॉर्म पर चले गये. उनके पीछे सभी लोग प्लेटफॉर्म की ओर बढ़े. देखते ही देखते प्लेटफॉर्म पर भीड़ उमड़ पड़ी. जयंत सिन्हा हाथ में हरी झंडी लेकर ट्रेन की बोगी में चढ़े. इसके बाद सायरन बजते ही लोग अलग-अलग बोगी में बैठ गये. ट्रेन चलते ही सभी खिड़की से हाथ निकाल कर खुशी का इजहार करने लगे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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