हजारीबाग : सरकारी व गैर सरकारी कर्मियों के बीच वेतन व पेंशन भुगतान के लिए बीओआइ और एसबीआइ को 40 करोड़ रुपये की राशि मिली है. दोनों बैंकों के कैरेंसी चेस्ट में 20-20 करोड़ रुपये आरबीआइ से भेजे गये हैं.
बैंक करंट अकाउंट से 50 हजार रुपये और सेविंग अकाउंट से 24 हजार रुपये का भुगतान करेगी. जिले के सभी 139 एटीएम में दो लाख से पांच लाख रुपये प्रतिदिन रखे जा रहे हैं. हजारीबाग जिले में पिछले आठ नवंबर से 20 दिसंबर के बीच पांच सौ के नोट दो करोड़ रुपये ही उपलब्ध हुए हैं.
27 बैंक शाखाओं को परेशानी: हजारीबाग में सिर्फ बैंक ऑफ इंडिया और एसबीआइ का कैरेंसी चेस्ट है. इन दो बैंकों के चेस्ट में आरबीआइ का पैसा आ रहा है. इन दो बैंकों के शाखाओं में समय पर पैसा पहुंच रहे हैं. बाकी 27 बैंकों के शाखाओं में बैंकों से संबंधित जोनल ऑफिस से पैसा लाना पड़ रहा है. स्थानीय स्तर पर बैंकों को सहयोग कर पाने में एसबीआइ भी असमर्थ हो जा रहा है. हर बैंक अपने ग्राहक को बचाने व सुविधा देने में लगे हुए हैं.
मांग के अनुसार रुपये उपलब्ध नहीं: हजारीबाग जिले में सरकारी और गैर सरकारी मिलाकर कुल 140 बैंक शाखा हैं. लगभग 29 बैंकों के 146 शाखा व 139 एटीएम को नियमित रूप से संचालित करने के लिए 200 करोड़ रुपये की आवश्यकता है, जबकि जिले को लगभग 40 करोड़ रुपया ही सप्ताह में मिल रहा है. एटीएम में दो लाख रुपये सुबह भरे जा रहे हैं, जो कि दोपहर 12 बजे खाली हो जा रहे हैं. 24 घंटे में लगभग 15 घंटे एटीएम बंद रह रही है. ग्रामीण इलाकों के बैंकों के शाखाओं की स्थिति और भी खराब है. वहां पर पर्याप्त मात्रा में राशि नहीं पहुंच रही है. बैंकों में पर्याप्त पैसा नहीं आने से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ी है.
