नोट बंदी से मरीजों की परेशानी बढ़ी

हजारीबाग :नोट बंदी की घोषणा के बाद मरीजों के इलाज में काफी परेशानी हो रही है. हजारीबाग में प्राइवेट नर्सिंग होम, दवा दुकान, पैथोलाजी एवं एक्स-रे करनेवाले पुराने हजार व पांच सौ के नोट नहीं ले रहे हैं. मरीज के परिजन दवा खरीदने, जांच कराने, डॉक्टर का शुल्क एवं एक्स-रे कराने में नोट बंदी से […]

हजारीबाग :नोट बंदी की घोषणा के बाद मरीजों के इलाज में काफी परेशानी हो रही है. हजारीबाग में प्राइवेट नर्सिंग होम, दवा दुकान, पैथोलाजी एवं एक्स-रे करनेवाले पुराने हजार व पांच सौ के नोट नहीं ले रहे हैं. मरीज के परिजन दवा खरीदने, जांच कराने, डॉक्टर का शुल्क एवं एक्स-रे कराने में नोट बंदी से परेशान हो गये हैं. इमली कोठी की महिला प्रसव कराने के लिए अस्पताल पहुंची. अस्पताल वालों ने परिजनों से एडवांस राशि जमा करने को कहा. महिला के परिजन एक-एक हजार के नोट जमा करने लगे, तो राशि नहीं ली गयी. काउंटर पर कहा गया कि जब पांच व हजार के नोट बंदी की घोषणा की गयी है, तो नोट नहीं लिया जा सकता है. हजारीबाग जिला में 54 लाइसेंसी नर्सिंग होम हैं.
इसमें कई नर्सिंग होम में मरीज की संख्या नहीं के बराबर है. नर्सिंग होम के संचालकों ने कहा कि नोट बंदी की घोषणा के बाद से मरीज कम आ रहे हैं. नोट बंदी से दवा व्यवसाय प्रभावित : नोट बंदी से दवा व्यवसाय, पैथोलोजी एवं अन्य व्यवसाय प्रभावित हुआ है. गुरुनानक जयंती व कार्तिक पूर्णिमा को लेकर सभी बैंक बंद हैं. बैंक बंद रहने से बाजार में सन्नाटा है. इधर, बैंक के लगभग सभी एटीएम बंद हैं. नोट बंदी को लेकर छह दिनों से अधिकतर व्यवसाय प्रभावित है.

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