आवाज को गोलियों से दबाने का प्रयास

हजारीबाग : पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि बड़कागांव के किसानों को 20 लाख रुपये प्रति एकड़ जमीन का मुआवजा देना बिल्कुल गलत है. जिस तरह एनटीपीसी कोल कंपनी और उद्योग लगाने के लिए जमीन उपलब्ध करा रही है. उसी तरह बड़कागांव के किसानों के लिए भी जमीन उपलब्ध कराया जाये. वहां के […]

हजारीबाग : पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि बड़कागांव के किसानों को 20 लाख रुपये प्रति एकड़ जमीन का मुआवजा देना बिल्कुल गलत है. जिस तरह एनटीपीसी कोल कंपनी और उद्योग लगाने के लिए जमीन उपलब्ध करा रही है. उसी तरह बड़कागांव के किसानों के लिए भी जमीन उपलब्ध कराया जाये. वहां के किसानों का मुख्य जीविकोपार्जन कृषि है. बड़कागांव के लोगों को उजाड़ने से पहले उनकी आवाज को गोलियों से दबाने का प्रयास हो रहा है.
श्री मरांडी बडकागांव से लौट कर परिसदन में पत्रकारों से बात कर रहे थे. श्री मरांडी ने कहा कि बडकागांव की घटना सरकार के निर्देश पर हुई है. मेरे सामने डीडीसी राजेश पाठक का जो व्यवहार था, इससे स्पष्ट है कि बड़कागांव में अमन चैन ऐसे अधिकारियों के रहते नहीं हो सकती. अधिकारी ऐसे भाषा का इस्तेमाल सरकार के इशारे पर ही कर सकते हैं.
श्री मरांडी ने कहा कि केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा कोई कमीशन के चेयरमैन नहीं थे. हजारीबाग आकर फैसला सुना दिया कि पुलिस ने जो कार्रवाई की है, वह सही है. लाठी डंडा गोली चलायी गयी है, वह पुलिस ने सही किया है. श्री मरांडी ने कहा कि तीन अक्तूबर को बड़कागांव क्षेत्र से कई लोगों के फोन आ रहे थे कि पुलिस घर में घुस कर मारपीट कर रही है, तब रात में ही निर्णय लिया कि मंगलवार को बड़ाकागांव उनसे मिलने जाऊंगा, लेकिन प्रशासन ने मिलने नहीं दिया.
श्री मरांडी ने कहा कि यह योगेंद्र साव, निर्मला देवी का मामला नहीं है, यह पूरे बड़गांव का मामला है. विधायक निर्मला को गिरफ्तार करने के लिए रात के वक्त अभद्र व्यवहार देख जनता भडक गयी. जनता को कोई बरगला नहीं सकता है. हजारों लोग विधायक के पीछे चल रहे हैं. इससे साबित होता है कि जनता के सवाल पर विधायक आंदोलन कर रही हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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