हजारीबाग : माॅनसून की बौछार का हजारीबाग वासियों ने दिल खोल कर स्वागत किया. बौछारों से लोगों का तन-मन झूम उठा. जहां घरों में बैठे लोगों ने छतों पर नहाने का आनंद उठाया. वहीं राहगीर भी मस्ती से भिंगते-भिंगते जा रहे थे. मूसलाधार बरसात की वजह से शहर में कई जगह पानी भर गया. रविवार को झमाझम बारिश का दौर शुरू हुआ. जो सोमवार को भी जारी रहा. कई दिनों के बाद तेज बरसात से शहरवासियों के चेहरे खिल उठे. लगातार पानी बरसने से शहर भी पानी ही पानी हो गया. सड़कों पर नाले बह रहे थे. शिवपुरी, लोहसिंघना तथा शहर के कई जगहों पर आधा फुट तक पानी भर गया.
गिर रहे पोल व पेड़, मंडरा रहा खतरा
बारिश के दौरान हजारीबाग शहर में जगह-जगह कई पेड़ गिर गये. पेड़ गिरने से किसी प्रकार के नुकसान की खबर नहीं है. नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था. इससे पहले भी आये आंधी से शहर में सैकड़ों पेड़ गिर गये थे. लोगों ने कहा कि प्रशासन को जजर्र पेड़, आड़े-तीरछे पोलों की सुध लेनी चाहिए. ताकि माॅनसून की बारिश में जन हानि न हो.
बारिश में बिजली की लुका-छिपी शुरू : शहर में रविवार से हो रहे बारिश के बाद बिजली व्यवस्था बिगड़ गयी. कई इलाकों में बिजली गुल हो गयी. इससे सैकड़ों उपभोक्ता परेशान रहें. बारिश से शहर के कई इलाकों में आठ से 10 घंटे बिजली गुल रही. शहर में बारिश आते ही बिजली गुल होना आम बात हो गयी है.
सफाई की पोल खुली : नगर परिषद के सफाई कर्मियों के हड़ताल पर चले जाने से सफाई व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ा है. पहली बारिश में ही सफाई अभियान का पोल खुल गया. कई नाले एवं नाली जाम होने से पानी और कचरा सड़कों पर बह रहा है. हर जगह जमा कचरा रोड पर आ गया है. सफाई कर्मियों के नेता रामनरेश राम ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा वेतनमद का 70 प्रतिशत राशि कार्यालय को उपलब्ध है. लेकिन राशि निकासी नहीं की गयी. इससे यह स्थिति उत्पन्न हुई है.
