भारत यायावर का संस्मरण सुंदर लेखन की बानगी

हजारीबाग : साहित्यिक संस्था परिवेश की ओर से डॉ भारत यायावर के प्रकाशित आलेख साहित्यकारों का शहर हजारीबाग पर यदुनाथ बालिका मध्य विद्यालय में परिचर्चा हुई. अध्यक्षता डॉ शंभु बादल ने की. संचालन विजय केसरी ने किया. मुख्य वक्ता साहित्यविद डॉ शिवदयाल सिंह ने कहा कि यह संस्मरण आलेख उनके साहित्य कर्म की एक सुंदर […]

हजारीबाग : साहित्यिक संस्था परिवेश की ओर से डॉ भारत यायावर के प्रकाशित आलेख साहित्यकारों का शहर हजारीबाग पर यदुनाथ बालिका मध्य विद्यालय में परिचर्चा हुई. अध्यक्षता डॉ शंभु बादल ने की. संचालन विजय केसरी ने किया.
मुख्य वक्ता साहित्यविद डॉ शिवदयाल सिंह ने कहा कि यह संस्मरण आलेख उनके साहित्य कर्म की एक सुंदर बानगी है. हजारीबाग साहित्य की बेहद उर्वर भूमि रही है. डॉ शंभु बादल ने कहा कि प्रतिकूल चुनौतियों को परास्त करते हुए साहित्यकार की यात्रा पूरी होती है. डॉ भारत यायावर ने इस संस्मरण के माध्यम से बड़ा काम किया है.
विजय केसरी ने कहा कि इस प्रकार का आलेख लिखना काफी श्रम का काम है. कमांडेंट मुन्ना सिंह ने कहा कि यह महत्वपूर्ण आलेख है. कवि गणेश चंद्र राही ने कहा कि भारत यायावर का यह संस्मरणात्मक लेख हजारीबाग के साहित्यकारों के लिए प्रेरणादायक है. डॉ बलदेव पांडेय ने आलेख को सुखद दस्तावेज बताया. डॉ प्रमोद सिंह ने आलेख को कालजयी बताया.
कमांडर अमेंद्र तिवारी, कथाकार विकास कुमार, डॉ सुबोध सिंह, अजय पांडेय, ब्रजेश विभूति, बृजलाल राणा, अनिल कुमार, टीपी पोद्दार, विभूति सिन्हा, मनोज गुप्ता, लाला नरेंद्र किशोर, ओमप्रकाश दास व प्रेमचंद दास ने भी विचार रखे. गणेश चंद्र राही ने भारत यायावर की कविता ओ शहर का एवं शिक्षिका मोमिता मलिक ने वीरांगना कविता का पाठ किया. धन्यवाद ज्ञापन भारत यायावर ने किया.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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