बिजली विभाग. सरकारी विभागों से नहीं हो रही है राशि की वसूली
बिजली विभाग का सरकारी विभागों पर करोड़ों रुपये की राशि का बकाया है. विभाग की ओर से राशि वसूली के मामले में अब तक गंभीरता नहीं बरती गयी है. विभाग की ओर से सिर्फ आम उपभोक्ताओं पर ही कार्रवाई हो रही है.
हजारीबाग : जारीबाग विद्युत अंचल (हजारीबाग और चतरा जिला) को सरकारी कार्यालयों के पास करोड़ों रुपये का बिजली बिल बकाया है, इसके बावजूद सरकारी कार्यालयों की लाइन नहीं काटी गयी. विभाग के निशाने पर सिर्फ आम उपभोक्ता ही हैं. हजार रुपये से अधिक बकाया होने पर आमलोगों की बिजली काट दी जाती है.
वहीं समय पर भुगतान नहीं करने पर विभागीय कार्रवाई तक होती है. हजारीबाग, चतरा जिले में 18 सरकारी विभागों के कार्यालयों पर 25 करोड़ 95 लाख रुपये का बिजली बिल बकाया है.
इन विभागों की ओर से कई सालों से बिजली बिल का भुगतान नहीं किया गया है. विभाग के अनुसार हजारीबाग विद्युत अंचल में 1,91,419 बिजली उपभोक्ताओं पर कुल 98 करोड़ 67 लाख रुपया बकाया है. इसमें सरकारी कार्यालयों की हिस्सेदारी 25 करोड़ 95 हजार, 82 हजार रुपये है. आम आदमी से टैक्स वसूलनेवाले विभाग पर भी बिजली बिल बकाया है. सबसे ज्यादा बकाया नगर विकास विभाग पर 10 लाख 35 हजार है.
राजस्व विभाग पर एक करोड़ 61 लाख रुपये, पीएचइडी पर पांच करोड़ 88 लाख, खनन विभाग पर 8.69 लाख, आरटीओ पर 63 हजार का बिजली बिल बकाया है.
सरकारी कार्यालयों में मीटर नहीं: हजारीबाग विद्युत अंचल क्षेत्र के अधिकतर सरकारी विभागों के कार्यालयों में मीटर नहीं लगे हुए हैं. उन सरकारी कार्यालयों का बिजली बिल औसत आता है. हजारीबाग पुलिस लाइन के अधिकतर आवासों में मीटर नहीं लगे हुए हैं. नगरपालिका क्षेत्र में लगी स्ट्रीट लाइट का भी बिजली बिल की वसूली औसत होती है, जबकि दिन में भी स्ट्रीट लाइट जले रहते हैं.
