हजारीबाग : जल पथ प्रमंडल, हजारीबाग नौ करोड़ रुपये खर्च नहीं कर सका. विभाग ने यह राशि सरकार को सरेंडर कर दिया. इस राशि से रामगढ़ के भैरवा जलाशय, चतरा के हिरू जलाशय एवं पदमा में लोटिया जलाशय योजना का कार्य विस्तार करना था. वहीं किसानों की जमीन का मुआवजा राशि भुगतान करना था.
कार्यपालक अभियंता ने राशि निकासी के लिए मार्च माह में योजना बनायी, लेकिन विफल रहे. अंतत: नौ करोड़ रुपया सरेंडर करना पड़ा. मुख्य अभियंता रामचंद्र रजक ने बताया कि कार्यपालक अभियंता राशि को खर्च क्यों नहीं कर पाये, यह गंभीर मामला है. इस मामले की सारी जानकारी सरकार को अवगत कराया गया है.
