मांग. तीसरे दिन भी बंद रहे हजारीबाग के जेवर दुकान
हजारीबाग : हजारीबाग के स्वर्ण विक्रेता शनिवार को तीसरे दिन भी हड़ताल पर रहे. इस दौरान दुकानदारों ने अपनी-अपनी दुकानें बंद रखी. शनिवार को संघ में अपनी मांगों को लेकर कैंडल मार्च निकाला और विरोध-प्रदर्शन किया. कैंडल मार्च विभिन्न मार्गों से होते हुए झंडा चौक पहुंचा, जहां सभा का आयोजन किया गया.
सभी में संघ ने केंद्र सरकार से स्वर्ण व्यवसाय पर लगाये गये एक फीसदी उत्पाद शुल्क समाप्त करने की मांग की. वहीं उत्पाद शुल्क के बजटीय प्रावधान एवं दो लाख की बिक्री पर पैन कार्ड की अनिवार्यता खत्म करने की भी मांग की.
अखिल भारतीय स्वर्ण संघ के सचिव राजेंद्र लाल ने कहा कि उत्पाद शुल्क लगने से छोटे व्यवसायी व कारीगर सबसे अधिक प्रभावित होंगे. सौ ग्राम सोने का स्टॉक रखनेवाले व्यवसायी के पास भी इंस्पेक्टर पहुंचेंगे और सवाल करेंगे. छोटी सी भी त्रृटि होने पर माल जब्त कर स्वर्ण व्यवसायी को जेल भेजा जायेगा.
इससे लालफीता शाही, अफसर शाही, इंस्पेक्टर राज और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा. मार्च में जिलाध्यक्ष नागेंद्र लाल, संयोजक विजय केसरी, राजकुमार सोनी, विमल सोनी, विक्रम सोनी, राकेश वर्मा, विशाल वर्मा, राजेश वर्मा, जितेंद्र सोनी, विजय वर्मा, वीरेंद्र सोनी, साहेब सोनी, संजय सोनी, कुणाल सोनी, सरोज सोनी, राज जी, विक्की सोनी, पंचम सोनी, विनोद वर्मा, सोनू गुप्ता, निशांत सोनी, रंजीत सोनी व विक्की वर्मा सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे.
शादी में हो रही है परेशानी: स्वर्ण दुकान बंद होने से शनिवार को भी ग्राहक परेशान नजर आये. ग्राहक हजारीबाग ओकनी निवासी सुनील कुमार ने बताया कि उनके यहां 19 मार्च को शादी है. लेकिन स्वर्ण दुकान बंद रहने के कारण वे जेवर की खरीदारी नहीं कर पा रहे हैं. इससे उनकी परेशानी बढ़ गयी है. मटवारी के विजय कुमार ने बताया कि 16 मार्च को उनकी बहन की शादी है. अभी तक हार की खरीदारी नहीं हो पायी है.
