दसवां वेतन समझौता लागू करने की मांग
जिले के ग्रामीण बैंकों के कर्मी अपनी मांगों को लेकर गुरुवार को हड़ताल पर रहे. हड़ताल के कारण ग्राहकों को काफी परेशािनयों का सामना करना पड़ा.
हजारीबाग : हजारीबाग जिले के ग्रामीण बैंकों में गुरुवार को हड़ताल के कारण कामकाज ठप रहा. यूनाइटेड फोरम ऑफ ग्रामीण बैंक यूनियन की ओर से आहूत हड़ताल में सभी यूनियनों के सदस्यों ने हिस्सा लिया. हड़ताली कर्मियों ने बताया कि केंद्र सरकार की उपेक्षापूर्ण रवैया से तंग आकर संगठनों ने हड़ताल का आह्वान किया. इस दौरान कोर्रा स्थित ग्रामीण बैंक कार्यालय बंद रहा.
इससे ग्राहकों को परेशानी उठानी पड़ी. यूनियन के सदस्यों का कहना था कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता नहीं बरती गयी, तो आंदोलन को और तेज किया जायेगा. यूनियन के सदस्यों की मांग थी कि दसवें वेतन समझौते का पूर्ण लाभ ग्रामीण बैंक कर्मचारियों को मिले.
हड़ताली कर्मचारी आउट सोर्सिंग प्रथा बंद करने समेत अन्य मांग कर रहे थे. हड़ताल को सफल बनाने में कामरेड रामपुकार, राजकिशोर प्रसाद, डीके सिंह, संजीव कुमार, विनोद कुमार पासवान, सुजीत कुमार, दर्शन रविदास, शुवेंदु प्रतिहारी, महिपाल नायक, एसएस चौबे समेत सभी पदाधिकारी व कर्मी शामिल हुए.
कर्मियों की मुख्य मांगें
ग्रामीण बैंकों के निजीकरण पर रोक लगे, मृतक आश्रित भरती योजना लागू हो, पेंशन सामनता प्रदान करने के लिए सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दाखिल शपथ पत्र वापस लिया जाये, दसवें वेतन समझौते का पूर्ण लाभ ग्रामीण बैंक कर्मचारियों को मिले, मितरा कमेटी आधारित संशोधित मानव श्रम नीति रद्द की जाये, आउट सोर्सिंग प्रथा बंद हो, संदेश वाहकों की भरती और रिक्त पदों पर दैनिक कर्मचारियों को संदेश वाहकों के पद पर नियमित किया जाये, नये लिपिकीय स्टॉफ को स्नातक वेतन वृद्धि मिले, एक समान ग्रेच्यूटी भुगतान व्यवस्था लागू की जाये. प्रायोजक बैंक समान सेवा शर्ते ग्रामीण बैंकों में लागू की जाये. ट्रेड यूनियन अधिकार प्रदान की जाये.
