इंदिरा आवासों की होगी जांच दोषी पर की जायेगी कार्रवाई

हाल. जिले में करीब 8500 इंदिरा आवास अधूरे, बोले डीसी जिले के विभिन्न प्रखंडों में इंदिरा आवास में भारी अनियमितता की शिकायतें मिली हैं. इस मामले में डीसी ने गंभीर रुख अपनाया है. जांच में पाया गया है कि किस्त लेने के बाद भी अधिकतर आवास अधूरे पड़े हुए हैं. कर्मचारियों व लाभुकों की लापरवाही […]

हाल. जिले में करीब 8500 इंदिरा आवास अधूरे, बोले डीसी
जिले के विभिन्न प्रखंडों में इंदिरा आवास में भारी अनियमितता की शिकायतें मिली हैं. इस मामले में डीसी ने गंभीर रुख अपनाया है. जांच में पाया गया है कि किस्त लेने के बाद भी अधिकतर आवास अधूरे पड़े हुए हैं. कर्मचारियों व लाभुकों की लापरवाही के कारण आवास पूर्ण नहीं हो पाये हैं.
हजारीबाग : इंदिरा आवास निर्माण के किस्त लेने के बाद भी अधूरे इंदिरा आवास के मामले की जांच होगी. जांच में दोषी पाये जानेवाले कर्मचारी और लाभुक पर प्राथमिकी दर्ज होगी. डीसी मुकेश कुमार ने गुरुवार को उक्त बातें प्रेसवार्ता में कही.
उन्होंने कहा कि पूरे जिले में वर्ष 2000 से 8500 इंदिरा आवास अधूरे पड़े हैं. जांच टीम यह जानने का प्रयास करेगी कि अब तक ऐसे इंदिरा आवास अधूरे क्यों हैं. डीसी ने कहा कि इस मामले में गंभीरता से जांच करायी जायेगी. जांच में दोषी पाये जाने पर दोषियों को नहीं बख्शा जायेगा. डीसी के अनुसार विष्णुगढ़ और बड़कागांव में सबसे अधिक इंदिरा आवास अधूरे हैं.
350 करोड़ की योजना का चयन: डीसी ने कहा कि योजना बनाओ अभियान के दौरान जिले में वित्तीय वर्ष 2016-17 के लिये तीन सौ पचास करोड़ की योजना लोगों ने बनायी है.
जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में कई गुना ज्यादा है. वर्ष 2015-16 में मनरेगा में कुल 49 करोड़ लेबर बजट था. उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना में संतोषजनक काम नहीं करने पर चार बीडीओ पर प्रपत्र गठित की गयी है.जिसमें बरकट्ठा, चौपारण, बरही एवं डाडी प्रखंड के बीडीओ का नाम शामिल है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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