बेहतर रख-रखाव के लिए प्रशासन का फैसला
डीसी मुकेश कुमार की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में शहर के सभी महत्वपूर्ण स्थलों को नगर निगम के हवाले कर दिया गया. उम्मीद है कि इससे नगर निगम को राजस्व की आय होगी और इन स्थलों का बेहतर रख-रखाव होगा.
हजारीबाग : हजारीबाग शहर के कई महत्वपूर्ण स्थलों को गुरुवार को नगर निगम को सौंप दिया गया. इसमें खेलकूद के मैदान, व्यावसायिक स्थल, पर्यटन स्थल शामिल हैं. इन स्थलों का रख-रखाव पहले जिला परिषद, डीआरडीए, मत्स्य विभाग, खेल विभाग, भू-अर्जन और जिला परिवहन विभाग करता था. कर्जन ग्राउंड स्टेडियम को जिला प्रशासन ने अपने अधीन रखा है, लेकिन रख-रखाव की जिम्मेवारी नगर निगम को ही करनी होगी.
इसके संचालन के लिए डीसी की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया जायेगा. समिति में मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी को सदस्य सचिव बनाने का निर्णय लिया गया है. समिति में डीडीसी, एसडीओ, जिला खेल पदाधिकारी सदस्य मनोनीत होंगे. डीसी मुकेश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला किया गया. शहरी क्षेत्र विशेषकर नगर परिषद सीमा के अंदर आनेवाले सभी सेरात स्थलों को नगर निगम के अधीन कर दिया गया है.
डीसी ने कहा कि इस पर किसी विभाग को आपत्ति है, तो 15 दिनों के अंदर आपत्ति पत्र दें. बैठक में डीडीसी राजेश पाठक, डीटीओ, भू-अर्जन पदाधिकारी, मत्स्य पदाधिकारी, खेल पदाधिकारी, नगर पर्षद के कार्यपालक पदाधिकारी, सहायक व कनीय अभियंता मौजूद थे. नगर निगम के कार्यपालक पदाधिकारी हातीम ताई राय ने कहा कि इन सेरात स्थलों से नगर निगम के राजस्व में वृद्धि होगी. वहीं, इन स्थलों की साफ-सफाई करने और लोगों को पर्यटक स्थल पर मनोरंजन समेत अन्य सुविधाएं उपलब्ध करायी जायेगी.
बैठक में स्वर्ण जयंती पार्क स्थित कैफेटेरिया की विगत वित्तीय वर्ष में प्रफुल्ल सिंह के नाम से बंदोबस्ती की गयी थी. प्रफुल्ल सिंह द्वारा निर्धारित राशि का भुगतान नहीं किया गया है. उनके विरुद्ध बकाया राशि की वसूली के लिए नीलामपत्र वाद दायर करने के निर्देश दिये गये हैं.
ये स्थल मिले नगर निगम को
निर्मल महतो पार्क, स्वर्ण जयंती पार्क (कैफेटेरिया), कैफेटेरिया के सामने की चारों झीलें, निर्मित दुकान समेत धोबिया तालाब, पुलिस लाइन टैंक, कालीबाड़ी आहर, मटवारी आहर, हुरहुरू तालाब, झील का नौकायान, प्राइवेट टैक्सी स्टैंड, मटवारी टैंक, बेलाही तालाब, कोर्रा तालाब, कलेंदरी तालाब, जिला परिषद, वाहन पड़ाव समेत मत्स्य विभाग द्वारा संचालित शहर के सभी तालाब.
निर्णय से फायदे
साफ-सफाई की व्यवस्था बेहतर होगी : हजारीबाग स्टेडियम, कजर्न ग्राउंड पहले डीआरडीए के अधीन थी. अब नगर निगम को मिल जाने से यहां की नियमित साफ-सफाई होगी और लोगों के बीच बेहतर सुविधा मुहैया करायी जायेगी.
नगर निगम का राजस्व बढ़ेगा : स्टेडियम और व्यावसायिक दुकान, झारखंड शिक्षा परियोजना से अब नगर नियम को पैसे मिलेंगे. स्वर्ण जयंती पार्क की देखरेख की जिम्मेदारी पहले नजारत के पास थी. अब इससे मिलनेवाली सारी राशि नगर निगम वसूलेगा. झील, तालाब, अब नगर निगम के अधीन होंगे, इससे मत्स्य उत्पादन, पानी, फल उत्पादन से जो आय होती है, नगर निगम के हिस्से आयेगा.
