शहर में गिरा अपराध का ग्राफ

हजारीबाग जिले में पिछले पांच वर्षों में अपराध का ग्राफ गिरा है. पुलिस की कार्यशैली व सामुदायिक पुलिसिंग के कारण यह संभव हो पाया है. वारदातों में कमी के कारण लोगों ने राहत की सांस ली है. हजारीबाग : हजारीबाग जिले में पांच वर्षो में अपराध वारदातों का ग्राफ गिरा है. हत्या, डकैती, अपहरण, बलात्कार, […]

हजारीबाग जिले में पिछले पांच वर्षों में अपराध का ग्राफ गिरा है. पुलिस की कार्यशैली व सामुदायिक पुलिसिंग के कारण यह संभव हो पाया है. वारदातों में कमी के कारण लोगों ने राहत की सांस ली है.
हजारीबाग : हजारीबाग जिले में पांच वर्षो में अपराध वारदातों का ग्राफ गिरा है. हत्या, डकैती, अपहरण, बलात्कार, आर्म्स एक्ट व गृहभेदन जैसे मामले में कमी आयी है. वहीं विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, लूट, चोरी व दंगा जैसी घटनाओं में वृद्धि हुई है. हालांकि छोटे अपराधों का ग्राफ बढ़ा है. पिछले पांच साल के आंकड़ों को देखा जाये, तो विभिन्न मामलों में अपराधियों की गिरफ्तारी कम हुई है, जबकि नक्सल और छिनतई की घटनाओं में वृद्धि हुई है.
जिले में तीन थानों को अपग्रेड किया गया है. आधुनिक संसाधनों से कुछ थानों और पुलिस को लैस किया गया है. आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए तीन टीओपी को प्रभावशाली बनाया गया है.
नक्सल प्रभावित क्षेत्र आंगो व चुरचू थाना क्षेत्र में सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम का आयोजन कर लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास पुलिस कर रही है. सामुदायिक पुलिसिंग के जरिये लोगों काविश्वास पुलिस जीतने का प्रयास कर रही है.
उग्रवादियों व नक्सलियों को गिरफ्तार करने में भी पुलिस सफल रही है. उग्रवादी संगठन जेपीसी, टीपीसी, पीएलएफआइ व भाकपा माओवादी की गतिविधियों में कमी आयी है. बड़कागांव, केरेडारी, चरही, कटकमसांडी जैसे क्षेत्रों में लेवी के लिए अपहरण, धमकी व अन्य मामले में भी पुलिस ने कई घटनाओं का खुलासा किया है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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