प्रशासन जागा. सात माह से अनाज से वंचित थे बिरहोर परिवार
यमुनियांतरी गांव बिरहोर परिवार सात माह से अनाज के लिए तरस रहे थे. लाख गुहार के बाद भी उनकी नहीं सुनी जा रही थी. इतने दिनों के बाद प्रशासन की नींद खुली और उन्हें अनाज नसीब हुआ.
चौपारण : प्रखंड के अति उग्रवाद प्रभावित यमुनियांतरी गांव में बिरहोर परिवारों की सुधि लेने शनिवार को प्रशासन का महकमा पहुंचा. प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से बिरहोर परिवारों के बीच 25 क्विंटल अनाज का वितरण किया गया. वहीं प्रशासनिक अधिकारी उनकी समस्याओं से भी अवगत हुए. बिरहोरों के गांव पहुंचनेवालों में एसडीओ मो शब्बीर अहमद, बीडीओ सागर कुमार, सीओ साधुचरण देवगम, सुखदेव पासवान, एम सिन्हा आदि थे.
इस दौरान के महेश बिरहोर, विजय बिरहोर, मुल्ला, शंकर, कारू बिरहोर, सोनिया बिरहोर, करमी व सखिया ने बीडीओ से खराब चापानलों को बनवाने की मांग की. इसके अलावा सिंचाई के लिए कूप व चेक डेम निर्माण कराने की बात कही़ रोहन बिरहोर, रघुनी, प्रकाश, बजरंगी बिरहोर ने यमुनियातरी से चोरदाहा तक जर्जर सड़क एवं आवास मरम्मत कराने की मांग की.
जिला प्रशासन को सूचना दी थी: चौपारण बीडीओ सागर कुमार ने बिरहोर को राशन नहीं दिये जाने की शिकायत डीएसओ, एसडीओ एवं जिला कल्याण पदाधिकरी से पूर्व में पत्र लिख कर की थी. प्रशासन ने सोमरी बिरहोरिन को इलाज के लिए सामुदायिक अस्पताल में भरती कराया है़ सोमरी का हाथ टूटा हुआ है़
उसके साथ नरेश बिरहोर को भी इलाज के लिए भरती किया गया है़ दोनों का इलाज चिकित्सा प्रभारी डॉ योगेन्द्र सिंह कर रहे हैं. बीडीओ ने मौके पर पीएचइडी विभाग को खराब चापानल बनवाने को कहा है.
लापरवाही के कारण बिरहोरों को नहीं मिला था राशन
इस गांव में 44 घरों में 165 बिरहोर परिवार रहते है़ं इन परिवारों को मुख्यमंत्री खाद्य सुरक्षा योजना के तहत राशन मिलता था. विभागीय लापरवाही के कारण पिछले सात माह से यहां के बिरहोरों को राशन नहीं मिल रहा था़ बिरहोरों ने प्रशासन राशन की मांग की थी. जानकारी मिलने पर प्रभात खबर के प्रतिनिधि ने स्थानीय प्रशासन से पूछताछ की थी, जिसके बाद गंभीरता बरती गयी.
