डॉक्टर व नर्सिग होम संचालक पर प्राथमिकी
बड़कागांव : बड़कागांव के गुरुचट्टी स्थित राजधानी नर्सिग होम में इलाजरत महिला ललिता देवी की मौत हो गयी. वह चुरचू गांव की रहनेवाली थी. परिजनों का आराेप है कि ललिता के इलाज में लापरवाही बरती गयी. डॉक्टर की गलती से उसकी जान गयी.
परिजनाें ने इस सिलसिले में नर्सिंग होम के संचालक मो मोनाजिर आैर डॉ सुनील कुमार पर बड़कागांव थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी है. शिकायत पर बड़कागांव थाना पुलिस और स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा प्रभारी डॉ आरसी प्रसाद ने नर्सिंग होम को सील कर दिया. दर्ज करायी गयी प्राथमिकी में आराेप लगाया गया है कि डॉक्टर के गलत इलाज के कारण ललिता की मौत हुई. चिकित्सक ने महिला को अधिक मात्रा में एनेसथेसिया दे दिया था, जिसके कारण महिला होश में नहीं आ पायी.
डॉक्टर की सलाह लिये बिना किया इलाज : ललिता के पति महेंद्र सिंह ने बताया : पत्नी ललिता को 13 फरवरी को इलाज के लिए राजधानी नर्सिंग होम में भरती कराया था. नर्सिंग होम के संचालक ने चिकित्सक से सलाह लिये बिना इलाज शुरू कर दिया. पहले चार बोतल स्लाइन चढ़ाया.
14 फरवरी को नर्सिंग होम के संचालक ने हजारीबाग से डॉ सुनील कुमार को ऑपरेशन के लिए बुलाया. महिला को तीन इंजेक्शन दिया गया. बेहोशी के लिए एनेसथेसिया का हेवी डाेज दे दिया. तीन घंटे बाद मरीज ललिता को ऑपरेशन थियेटर से बाहर निकाला गया. डॉक्टर ने बिना लिखित दिये ललिता को रिम्स, रांची ले जाने कहा. एंबुलेंस बुला कर उसे रिम्स भेज दिया. रिम्स पहुंचते ही चिकित्सकों ने ललिता को मृत घोषित कर दिया.
