हजारीबाग : होलीक्रॉस ट्रेनिंग सेंटर हजारीबाग में मंगलवार को 11 नवशिष्या (धर्म बहनों) ने येशु के नाम जीवन समर्पण किया. 11 धर्म बहनों ने प्रथम मन्नत एवं आठ धर्म बहनों ने आजीवन व्रत धारण किया. इन सभी बहनों के सम्मान में पवित्र धार्मिक अनुष्ठान हुआ.
यह कार्यक्रम तीन घंटे तक चला. बिशप आनंद जोजो ने अपने संदेश में कहा कि धार्मिक समर्पण ईश्वर की सेवा है. इसलिए धर्म बहनों का यह कर्तव्य बनता है कि वे अपने गुणों का सदुपयोग सेवा के माध्यम से करें. ख्रीस्त एवं कलीसिया को साक्षी मानते हुए अपना व्रत लिया. समर्पण समारोह में 40 पुरोहित उपस्थित हुए. इसमें फादर जॉर्ज चिटाडी, फादर किशोर, फादर राजेश, फादर माइकल सहित अन्य पुरोहित उपस्थित थे.
पूजन विधि समारोह में प्रोविंसियल सुपीरियर सिस्टर रोसिली ने 11 नव शिष्यों को पवित्र क्रूस धारण कराते हुए कहा कि क्रूस प्रेम, त्याग व मुक्ति का प्रतीक है. आपकों शक्ति व मार्गदर्शन प्रदान कराता रहेगा. आठ धर्म बहनों ने आजीवन व्रत धारण कर मन्नते ग्रहण की. प्रार्थना व मधुर गीत से माहौल भक्तिमय बना हुआ था. मौके पर मध्य प्रदेश की प्रोविंसियल सिस्टर जोर्जिना, सिस्टर सजिता, सिस्टर अग्नेस, सिस्टर ब्रटूसी, सिस्टर वीणा, सिस्टर एथेर, सिस्टर नीलम, धर्म बहनों के अभिभावक व प्रियजन उपस्थित थे.
प्रथम मन्नत : 11 धर्म बहनाें सिस्टर अनिमा मिंज, सिस्टर दिपीका तिर्की, सिस्टर मेरी कुजूर, सिस्टर शोमा तिर्की, सिस्टर हेमलता लकड़ा, सिस्टर रेशमा किंडो, सिस्टर सुशीला टोप्पो, सिस्टर ब्रिजीट आइंद, सिस्टर जसमीन एक्का, सिस्टर रूबीना लकड़ा.
आठ आजीवन व्रत : सिस्टर दीपिका टोप्पो, सिस्टर आशा तिग्गा, सिस्टर सुनीता एक्का, सिस्टर अनसतसिया कुजूर, सिस्टर बेरोनिका टोप्पो, सिस्टर दीप्ती थॉमस, सिस्टर दिव्या सुमन टोप्पो, सिस्टर मंजूएन टोप्पो हैं.
