धनबाद एसपी के पद से मुक्त करें राकेश बंसल ने डीजीपी को लिखा पत्र – जैप-छह, जमशेदपुर में पदस्थापित करने का आग्रह- पहले भी इस तरह के पत्र लिख चुके हैं बंसलसीएम ने लगायी थी फटकारमुख्यमंत्री ने छह दिसंबर को धनबाद में एसपी राकेश बंसल से कहा था : तुम्हारी बहुत शिकायत आ रही है. आम जनता से शिकायतें मिलनी गंभीर बात है. जनता के प्रति कोमल रहो. तुमसे ऐसी उम्मीद नहीं थी. युवा हो, जोश में होश खोकर काम नहीं करो. किसी क्रिमिनल और माफिया को छोड़ने के लिए नहीं बोल रहे हैं, समझ गये न.विधायक ने की थी शिकायतधनबाद के भाजपा विधायक राज सिन्हा ने एक माह पहले मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर कहा था कि धनबाद के एसपी काम नहीं करते. यहां अपराध बढ़ गया है. एसपी आम जनता से सप्ताह में एक ही दिन मिलते हैं, वह भी दो-तीन घंटे के लिए. उन्होंने आरोप लगाया था कि धनबाद के एसपी विधि-व्यवस्था संभालने के बदले हर दिन कार्यक्रमों में फीता काटते दिखते हैं. एसपी की वजह से आम लोगों और पुलिस के बीच दूरी बढ़ रही है. वरीय संवाददाता, रांचीधनबाद के आरक्षी अधीक्षक राकेश बंसल ने डीजीपी को पत्र लिख कर एसपी के पद से मुक्त करने का आग्रह किया है. उन्होंने डीजीपी से जैप-छह, जमशेदपुर में पदस्थापित करने का आग्रह किया है. इस बाबत पूछे जाने पर श्री बंसल ने कहा कि यह विभाग का अंदरूनी मामला है. इसलिए कुछ नहीं कह सकते. मालूम हाे कि श्री बंसल पहले भी इस तरह के पत्र लिख चुके हैं. गुमला एसपी के पद पर पदस्थापन के दौरान उन्होंने तत्कालीन डीजीपी को पत्र लिख कर गुमला एसपी पद से मुक्त करने का आग्रह किया था.वृद्ध माता-पिता की सेवा करना चाहता हूंसूत्रों ने बताया कि धनबाद के एसपी ने पत्र में लिखा है : मेरे माता-पिता बुजुर्ग हो चुके हैं. विभिन्न तरह की बीमारियों से ग्रसित हैं. मैं उनका बड़ा बेटा हूं. उन्हें मेरी सेवा की जरूरत है. इसलिए मुझे कुछ दिनों के लिए फील्ड ड्यूटी से मुक्त रखा जाये. मुझे जैप-छह जमशेदपुर में कमांडेंट के पद पर पदस्थापित किया जाये, ताकि मैं अपने वृद्ध माता-पिता की सेवा कर सकूं.
धनबाद एसपी के पद से मुक्त करें
धनबाद एसपी के पद से मुक्त करें राकेश बंसल ने डीजीपी को लिखा पत्र – जैप-छह, जमशेदपुर में पदस्थापित करने का आग्रह- पहले भी इस तरह के पत्र लिख चुके हैं बंसलसीएम ने लगायी थी फटकारमुख्यमंत्री ने छह दिसंबर को धनबाद में एसपी राकेश बंसल से कहा था : तुम्हारी बहुत शिकायत आ रही है. […]
