नैतिक मूल्यों के समावेश के बगैर शक्षिा अधूरी

नैतिक मूल्यों के समावेश के बगैर शिक्षा अधूरी कोडरमा. हमलोग अपने जीवन में किसी न किसी मूल्य को धारण कर जीवन ऐसी खुली किताब की तरह बनायें, जो हमारी सफलता की कहानी को कहे. यदि व्यक्ति के जीवन में नैतिक मूल्य नहीं है, तो उसके जीवन का कोई मूल्य नहीं. उक्त बातें अड्डी बंगला स्थित […]

नैतिक मूल्यों के समावेश के बगैर शिक्षा अधूरी कोडरमा. हमलोग अपने जीवन में किसी न किसी मूल्य को धारण कर जीवन ऐसी खुली किताब की तरह बनायें, जो हमारी सफलता की कहानी को कहे. यदि व्यक्ति के जीवन में नैतिक मूल्य नहीं है, तो उसके जीवन का कोई मूल्य नहीं. उक्त बातें अड्डी बंगला स्थित ब्रह्म कुमारी सभागार में मुख्य वक्ता राजयोगी ब्रह्मा कुमारी भगवान ने कही. उन्होंने कहा कि जीवन में मूल्यों को अपनाने के लिए सर्वगुण और शक्ति के सागर परमात्मा से संबंध जोड़ना जरूरी है. धर्म का सच्चा अर्थ सदगुणों को जीवन में धारण करना है. उन्होंने कहा कि ब्रह्मा कुमारी संस्थान सच्ची शिक्षा देनेवाला संस्थान है. संचालन निर्मला बहन ने किया. इस मौके पर स्वागत गीत भी प्रस्तुत किया गया़

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