विष्णुगढ़. कोनार डैम के विस्थापितों के पुनर्वास, मुआवजा और बुनियादी सुविधाओं के समाधान को लेकर बुधवार को डीवीसी कोनार डैम सभागार में बैठक हुई. अध्यक्षता परियोजना प्रमुख राणा रणजीत सिंह ने की. बैठक में गिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी, विस्थापित गांवों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में रैयत शामिल हुए. बैठक के दौरान सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी ने कहा कि बहुत दुख की बात है कि इतने वर्षों के बाद भी बोकारो और हजारीबाग जिले के अंतर्गत आने वाले बनासो, नावाटांड़ सहित अन्य गांवों के विस्थापितों को अपनी जमीन का मालिकाना हक नहीं मिल सका है. उन्होंने कहा कि पीढ़ियां बीत गयीं, लेकिन डीवीसी ने विस्थापितों को उनके संवैधानिक अधिकारों से वंचित रखा है. विस्थापित गांवों के लोगों को न सड़क की सुविधा व और न अस्पताल की सुविधा मिल रही है. सांसद ने कहा कि डीवीसी क्षेत्र में विकास के दावे तो करता है, लेकिन इसकी समस्या का समाधान नहीं हो पाता है. विस्थापित गांवों में स्कूल जर्जर और शिक्षकों की कमी है. बेहतर चिकित्सा सुविधाओं और अस्पतालों का घोर अभाव है. सड़कें जर्जर और जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है. सांसद ने कहा कि विस्थापितों ने अपनी जमीन देश की उन्नति के लिए दी थी, पर बदले में उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला. अब आर-पार की लड़ाई होगी. जब तक मालिकाना हक और मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलती, चैन से नहीं बैठेंगे. बैठक में सांसद प्रतिनिधि जितेंद्र यादव, दीपक महतो, जेएलकेएम के केंद्रीय संगठन महासचिव सह विस्थापित नेता महेंद्र प्रसाद महतो उर्फ माही पटेल, विस्थापित संघ के अध्यक्ष सुशील महतो, सचिव सुरेश राम, मुखिया कुंवर हांसदा, आजसू प्रखंड अध्यक्ष अजय मंडल, महादेव देहाती व पूर्व मुखिया कैलाश महतो सहित सैकड़ों विस्थापित ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को पुरजोर तरीके से अधिकारियों के सामने रखा. सांसद ने डीवीसी प्रबंधन को समयबद्ध तरीके से इन समस्याओं के समाधान का निर्देश दिया.
विस्थापितों की बुनियादी समस्याओं का शीघ्र समाधान करे डीवीसी : सांसद
कोनार डैम के विस्थापितों के मुद्दे पर बैठक
