शिव के गुरु स्वरूप की व्याख्या

शिव के गुरु स्वरूप की व्याख्या 25कोडपी6,7शिव गुरु परिचर्चा में वक्ता व उपस्थित लोग.झुमरीतिलैया. सीएच इंटर उच्च विद्यालय झुमरीतिलैया में रविवार को शिव गुरु परिचर्चा का आयोजन किया गया. इस दौरान शिव (परमात्मा) के गुरु स्वरूप की व्याख्या की गयी. मुख्य वक्ता नवादा के मंटू मनोज कुमार ने कहा कि संसार के आकर्षण में आ […]

शिव के गुरु स्वरूप की व्याख्या 25कोडपी6,7शिव गुरु परिचर्चा में वक्ता व उपस्थित लोग.झुमरीतिलैया. सीएच इंटर उच्च विद्यालय झुमरीतिलैया में रविवार को शिव गुरु परिचर्चा का आयोजन किया गया. इस दौरान शिव (परमात्मा) के गुरु स्वरूप की व्याख्या की गयी. मुख्य वक्ता नवादा के मंटू मनोज कुमार ने कहा कि संसार के आकर्षण में आ कर मानव अपने मूल कर्तव्य से भटक कर जगत प्राप्ति में लगा रहता है. हमें समझना चाहिए मानव जीवन एक यात्रा है. हम सभी यात्री हैं. एक ही पिता (परमात्मा) के संतान हैं. अनमोल मानव जीवन का बोध मन पर नहीं रहने के कारण यह यात्रा समाप्त हो जाती है. गुरु ज्ञान देते हैं. ज्ञान का अर्थ समझ होता है. आज के परिवेश में मानव जीवन में एक गुरु की आवश्यकता है़ उन्होंने कहा कि शिव ही सत्य है, शिव ही सुंदर है व शिव ही गुरु है. शिव को अपना गुरु बनाइए. भाई रामानुज जी ने कहा कि शिव जगतगुुरु हैं. मौके पर जिला संयोजिका अनिता कुमारी, भाई दिनेश कुमार, निर्मल राम, आशिष कुमार, लक्ष्मण मेहता, रामेश्वर मोदी, बालदेव मेहता, मनोज सिंह, शंकर दयाल पांडेय, रेणु देवी, संगिता देवी, सीता देवी, विमल देवी, मीरा देवी, बेबी देवी, आशा देवी आदि थे़

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